अयोध्या में दुर्गा पूजा व रामलीला की तैयारियां जोरों पर
15 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि का पर्व प्रारम्भ हो रहा है। ऐसे में पूरे राष्ट्र में शारदीय नवरात्रि की धूम है। तो वही इन दिनों अयोध्या में माता भगवती के शारदीय नवरात्रि, दुर्गा पूजा और रामलीला की तैयारियां जोरों पर चल रही है।शहरों से लेकर गांव तक माता भगवती के पंडाल बनाए जा रहे हैं। 2 दिन शेष रह गए हैं जब यह सभी पंडाल घंटा घरियार शंख मृदंग की गूॅज से गुंजायमान होंगे।
जगमग करती रंग बिरंगी रोशनी इन सभी पंडालों में चारचांद लगायेंगे मूर्ति कारीगर भी माता की मूर्तियों को फाइनल टच दे रहे हैं। ऐसे में पश्चिम बंगाल के मूर्तिकारों द्वारा बनाई जा रही मां दुर्गा की प्रतिमा अयोध्या शहर के पंडालों में विराजमान होगी, जिस तन्मयता से मूर्तिकार मां दुर्गा की मूर्ति बना रहे हैं। उसी तन्मयता से राक्षस महिषासुर की भी मूर्ति बनाई जा रही है, जितनी खूबसूरती मां दुर्गा की प्रतिमां दिखाई पड़ती है। उतनी ही खूबसूरती महिषासुर की प्रतिमा में भी उभारी जा रही है।
मूर्तियों की मांग हर बार से काफी अधिक
मूर्ति कारीगरों की माने तो उनका बोलना है की इस बार बाजार में माता के मूर्तियों की मांग हर बार से काफी अधिक है।इस बार मूर्तियों की मांग इतनी अधिक है की दिन रात मेहनत करके मूर्तियां तैयार करना पड़ रहा है। इस बार गलीमत इतनी है कि प्रशासन ने बीते साल की तरह मूर्तियों की लंबाई को लेकर गाइडलाइन जारी किया यह हम सभी मूर्ति कलाकारों के लिए काफी सहायक हुआ है ।
15 अक्टूबर से मां दुर्गा विराजमान होंगी
पश्चिम बंगाल के मूर्तिकार उत्तम पाल बताते हैं कि नवरात्रि के पहले ही वे अपने साथियों के साथ मई जून में अयोध्या पहुंच जाते और मूर्ति का निर्माण प्रारम्भ कर देते हैं, ये मूर्तियां 4 हजार रुपए से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक की बिकती हैं। जैसी जिसकी डिमांड होती है उसी मुताबिक मां दुर्गे की मूर्तियां बेची जाती है।जिले के दुर्गा पंडालों में 15 अक्टूबर से मां दुर्गा विराजमान होंगी। जिसकी तैयारियां आखिरी चरण में है।

