यूपी में एक बार फिर इन जिलों में बारिश का अलर्ट किया गया जारी
यूपी से मानसून अब विदाई ले रहा है. महीने के पहले सप्ताह तक इसकी वापसी हो जाएगी. इस सीजन प्रदेश में अब तक 700.8 मिमी बारिश हो चुकी है. ये मौसम विभाग के औसत अनुमान 745 मिमी से 6% कम है.
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मानसून के 4 महीने में प्रदेश के 13 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई. जबकि, 30 जिलों में सामान्य बारिश दर्ज की गई. हालांकि, 30 सितंबर से उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से मानसून सक्रिय हो गया है. कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
ऐसे में जानते हैं कि आने वाले दिनों में मौसम कैसा रहेगा? पूरे मानसून सीजन में कितनी बारिश हुई? किन जिलों में सबसे अधिक बारिश हुई? पिछले 5 वर्षों में मानसून की स्थिति कैसी रही? फसल पर इसका क्या असर पड़ेगा?
मानसून में 5 जिलों में हुई सामान्य से अधिक बारिश
उत्तर प्रदेश में 1 जून से लेकर 30 सितंबर तक एटा, संभल, हमीरपुर, बिजनौर और फिरोजाबाद में अच्छी बारिश दर्ज की गई. हालांकि, जुलाई में बारिश की कमी रही, लेकिन ये कमी अगस्त में दूर हो गई. एटा में हर बार की तरह अधिक बारिश हुई.
एटा में अधिक बारिश की वजह
एटा प्रदेश के मध्य-पश्चिम के हिस्से में स्थित है. यहां बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी नमी अधिक गुजरती है और बारिश अधिक कराती है. पश्चिमी हिस्से में आने के बावजूद कभी-कभी पूर्वी या पश्चिमी मोड़ वाली मानसूनी हवाएं इस क्षेत्र में अधिक नमी लेकर आती हैं. इससे बारिश बढ़ जाती है. कभी-कभी उत्तर हिंदुस्तान में बना लो प्रेशर या पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) एटा के ऊपर से गुजरते समय वहां भारी बारिश कर देता है.
सामान्य से कम बारिश दर्ज
उत्तर प्रदेश में पिछले कई वर्ष से सामान्य से कम बारिश दर्ज की जा रही है. यदि बीते 5 वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें, तो 2022 में सबसे कम बारिश दर्ज की गई थी. जब सामान्य से करीब 29 प्रतिशत कम बारिश हुई थी. इसके बाद 2023 में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश हुई. वहीं, वर्ष 2024 में इसमें कोई खास अंतर नहीं देखा गया.
जानिए आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश के अनुसार, अगस्त महीने में प्रदेश में सामान्य बारिश हुई थी. 1 से 20 सितंबर के बीच 695 मिमी बारिश दर्ज की गई. जबकि, इस अवधि में सामान्य बारिश 715.8 मिमी होनी चाहिए थी. यानी इस बार सामान्य से लगभग 3 प्रतिशत कम बारिश हुई.
उन्होंने कहा कि पश्चिमी यूपी में मानसून पूरी तरह से खत्म हो चुका है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में यह एक-दो सप्ताह और एक्टिव रह सकता है. ऐसे में अक्टूबर के पहले हफ्ते में प्रदेश के कुछ हिस्सों में मामूली से मध्यम बारिश होने की आसार है.
एक्सपर्ट के मुताबिक, बारिश का यह बचा हुआ दौर किसानों के लिए लाभ वाला हो सकता है, क्योंकि मिट्टी में नमी बनी रहेगी. हालांकि, आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे कम हो जाएंगी और मौसम सामान्य रूप से शुष्क और साफ होने लगेगा.
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा बारिश का पैटर्न आने वाले दिनों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम में नमी आएगी. मध्य उत्तर प्रदेश का मौसम ज्यादातर सूखा रह सकता है. जबकि पूर्वी-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने से आने वाले 4-5 दिनों तक बारिश के आसार हैं. 1 से लेकर 5 अक्टूबर तक उत्तर प्रदेश के कई शहरों में बारिश देखने को मिलेगी.
इन जिलों में बारिश का अलर्ट सीतापुर, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी जिले और आसपास के क्षेत्रों में बादल गरजना, आकाशीय बिजली या अचानक तेज हवा (30-40 KMPH) के साथ मध्यम से तेज बारिश की आसार है.
वहीं, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, हाथरस, मथुरा, सीतापुर, बहराइच, गोंडा, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, बरेली, पीलीभीत, रामपुर, अलीगढ़, मुरादाबाद, बिजनौर और आसपास के क्षेत्रों में आकाशीय बिजली और तेज हवा के साथ मामूली से मध्यम बारिश की आसार है.
बारिश का फसलों पर कैसा असर? कृषि वैज्ञानिक पीके सिंह के मुताबिक, किसानों को अभी प्रतीक्षा करना चाहिए. सरसों की बुवाई मध्य अक्टूबर से प्रारम्भ की जा सकती है. इस समय वे धान की फसल की कटाई कर सकते हैं. यह बारिश खेतों में नमी बनाए रखने में सहायता करेगी. इससे 12 अक्टूबर के बाद की बुवाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल रहेंगी.
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