रामलला की प्रतिमा फाइनल, कर्नाटक के इस मशहूर मूर्तिकार द्वारा बनाई गई प्रतिमा का हुआ चयन
अयोध्या: अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को प्रभु राम अपने भव्य महल में विराजमान होंगे. इसके लिए सभी तैयारियां पूरी हो गई है. इसी बीच राम मंदिर में विराजमान होने वाले रामलला की प्रतिमा को लेकर भी एक बड़ी समाचार सामने आई है. दरअसल कर्नाटक के प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज द्वारा बनाई गई प्रतिमा का चयन कर लिया गया है. इसे ही 22 जनवरी को गर्भ गृह में स्थापित किया जाएगा है. इस बात की जानकारी स्वयं राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने दी है.

आपको बता दें कि लोकल 18 ने 29 दिसंबर को ही अरुण योगीराज द्वारा बनाई गई को प्रतिमा राम मंदिर में लगाने की समाचार चलाई थी. इस पर राम मंदिर ट्रस्ट ने मुहर लगा दी. अब 22 जनवरी को अरुण योगीराज द्वारा बनाई गई रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी. बता दें कि इससे पहले अरुण योगीराज ने केदारनाथ में शंकराचार्य और दिल्ली के इण्डिया गेट पर लगी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का निर्माण कर चुके हैं.
कैसी होगी रामलला की नयी प्रतिमा
अयोध्या में बीते 7 महीने से राजस्थान और कर्नाटक से आए पत्थरों से तीन मूर्तिकार रामलला की 5 साल के बालक समान मूर्ति का निर्माण कर रहे थे. मूर्ति का निर्माण अयोध्या में ही किया गया है. 5 साल के बालक स्वरूप रामलला कमल दल पर सवार होंगे. हाथ में तीर और धनुष, तो माथे पर मुकुट होगा. राम मंदिर में राम भक्त 30 फीट की दूरी से रामलला के दर्शन कर सकेंगे. इतना ही नहीं राम मंदिर ट्रस्ट की मानें तो भव्य महल में रामलला की एक प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा किया जाएगा. बाकी बची दो प्रतिमा के बारे में अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है.
योगीराज की बनाई रामलला की मूर्ति का हुआ चयन
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि 22 जनवरी को विराजमान होने वाले रामलला की प्रतिमा का चयन कर लिया गया है. कर्नाटक के मूर्तिकार अरुण योगीराज द्वारा बनाई गई प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा होगी.

