कर्बला की शहादत को याद कर मोहर्रम पर उन्नाव में निकले तख्त और अलम के जुलूस
उन्नाव के बांगरमऊ कस्बे में मोहर्रम की सातवीं और आठवीं तारीख को पारंपरिक शांति और श्रद्धा के साथ तख़्त, छड़ और अलम के जुलूस निकाले गए. जुलूस में शामिल अंजुमनों ने मातमी धुनों के साथ कर्बला की वीरगति को याद कर माहौल को ग़मगीन कर दिया. भारी संख्या में अकीदतमंदों ने इस मौके पर शिरकत की.

सातवीं मोहर्रम का जुलूस
गुरुवार सुबह 10 बजे मोहल्ला सराय से छड़ और अलम का जुलूस रवाना हुआ, जो मोहल्ला बजरिया और खत्रियाना से होता हुआ दरगाह शरीफ पहुंचा. इसके बाद यह जुलूस सैयद वाड़ा होते हुए वापस सराय मोहल्ले में जाकर संपन्न हुआ. वहीं शाम को मगरिब की नमाज के बाद मोहल्ला दरगाह शरीफ और कस्बा टोला से तख़्त का जुलूस निकाला गया. दोनों जुलूस रात्रि 10 बजे हटिया चौराहे पर एकत्र हुए और वहां से एक संयुक्त जुलूस खत्रियाना की ओर बढ़ा.
इस दौरान पूर्व पालिका उपाध्यक्ष सुधीर कुमार मिश्रा उर्फ़ सद्धू ने तख़्त हुसैनी के समक्ष सिर झुकाकर अपनी अकीदत पेश की और जायरीनों का स्वागत किया. इसके बाद जुलूस टेढ़ी बाजार से होते हुए मोहल्ला सराय पहुंचा जहां पड़ाव किया गया.
आठवीं मोहर्रम का सिलसिला
शुक्रवार सुबह 10 बजे पुनः जुलूसों का सिलसिला प्रारम्भ हुआ. दरगाह शरीफ की ओर से उठे तख्त का जुलूस नानामऊ रोड से गुजरते हुए मेमारनटोला और सैयद वाड़ा से होकर दरगाह शरीफ पहुंचा, जहां इसका समाप्ति हुआ.
वहीं कस्बा टोला से उठे तख्त का जुलूस हरदोई-उन्नाव मार्ग होते हुए चूड़ी वाली गली, भटपुरी, मुकरियाना और गुलाम मुस्तफा मोहल्ला से गुजरकर इमाम चौक (कस्बा टोला) पहुंचा, जहां यह खत्म हुआ.
सेवा शिविर और तबर्रुक का वितरण
दोनों ही दिनों जुलूस मार्ग में कई स्थानों पर क्षेत्रीय अकीदतमंदों द्वारा सेवा शिविर लगाए गए, जहां लोगों में तबर्रुक (प्रसाद) और शर्बत वितरित किया गया.

