पीसीएस जे 2022 की मुख्य परीक्षा का संशोधित रिजल्ट किया जारी
यूपी लोक सेवा आयोग ने लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार पीसीएस जे 2022 की मुख्य परीक्षा का संशोधित परिणाम शनिवार देर शाम जारी कर दिया है। जिसमें पांच नए अभ्यर्थी साक्षात्कार के लिए सफल घोषित किए गए हैं। यह वह अभ्यर्थी हैं जो मेंस परीक्षा में पास होने के बावजूद कॉपियों की अदला-बदली के चलते साक्षात्कार की रेस से बाहर हो गए थे। संशोधित परिणाम में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करने वाले अभ्यर्थी श्रवण पांडेय भी शामिल है। अभ्यर्थी श्रवण पांडेय ने ही मेंस परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। उच्च न्यायालय में दाखिल याचिका पर अगली सुनवाई 28 अगस्त को होनी है।

इसके बाद आयोग ने न्यायालय में 50 कॉपियां बदले जाने की बात स्वीकार की थी। यही नहीं उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल होने के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के इतिहास में पहली बार अभ्यर्थियों को मेंस परीक्षा की कॉपियां दिखाई गई थी। आयोग ने 14 जून को मुख्य परीक्षा में शामिल सभी 3019 अभ्यर्थियों को कॉपियां दिखाने का निर्णय लिया था। जिसमें 1343 यानी 44.48 प्रतिशत अभ्यर्थी अपनी कॉपियां देखने पहुंचे थे। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने 13 अगस्त को उच्च न्यायालय में हलफनामा दाखिल कर जल्द संशोधित परिणाम जारी करने की बात कही थी।
पांच नए अभ्यर्थियों का साक्षात्कार होगा
वहीं अब संशोधित परिणाम में सफल घोषित किए गए पांच नए अभ्यर्थियों का साक्षात्कार कराया जाएगा। आयोग के परीक्षा नियंत्रक के अनुसार सफल अभ्यर्थियों के साक्षात्कार के लिए अलग से विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी जाएगी। हम आपको बता दें कि अभ्यर्थी श्रवण पांडेय ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी कि उनकी अंग्रेजी विषय की कॉपी में हैंडराइटिंग बदली हुई है। इसके साथ ही एक अन्य उत्तर पुस्तिका के कुछ पन्ने फाड़े गए हैं। इस पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 6 प्रश्न पत्रों की उत्तर पुस्तिका न्यायालय में पेश करने का लोक सेवा आयोग को निर्देश दिया गया था। इसी मुद्दे की सुनवाई के दौरान आयोग ने 50 अभ्यर्थियों की कॉपियां बदले जाने की बात स्वीकार की थी।
भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका
फिलहाल, इलाहाबाद उच्च न्यायालय में मुद्दे को लेकर श्रवण पाण्डेय की याचिका पर सुनवाई चल रही है। ऐसे में आयोग के संशोधित रिज़ल्ट के बावजूद आखिरी फैसला उच्च न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करेगा। वहीं याची अभ्यर्थी श्रवण पांडेय ने भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की संभावना जाहिर करते हुए अपनी रिट को जनहित याचिका में परिवर्तित करने की भी मांग की है। उच्च न्यायालय में दाखिल याचिका पर अगली सुनवाई 28 अगस्त को होनी है। जस्टिस एसडी सिंह की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच मुद्दे की सुनवाई कर रही है

