उत्तर प्रदेश

RO/AROएग्जाम पेपर लीक मामले में 6 आरोपियों को प्रयागराज से किया गया गिरफ्तार

परीक्षा में शामिल हुए कैंडिडेट्स की मांग पर पेपर को कैंसिल कर दिया गया था और इसकी जांच एसटीएफ को सौंप दी गई थी.

यूपी पुलिस STF ने समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (RO/ARO) एग्जाम पेपर लीक मुद्दे में 6 आरोपियों को प्रयागराज से अरैस्ट किया गया है. बीते रविवार STF ने एक बयान जारी कर कहा कि प्रयागराज जिले के कीडगंज में एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करने वाले सुनील रघुवंशी समेत 6 लोगों को अरैस्ट किया गया है.Download 11zon 2024 06 24t175041. 490 1

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STF को क्वेश्चन पेपर लीक का भोपाल से कनेक्शन मिला है. पेपर भोपाल की किसी प्रिंटिंग प्रेस में छपे थे. 6 आरोपियों की हुई गिरफ्तारी जिसमें सुनील रघुवंशी, भोपाल (मप्र), सुभाष प्रकाश, मधुबनी (बिहार), विशाल दुबे, प्रयागराज (यूपी), संदीप पाण्डेय, प्रयागराज (यूपी), अमरजीत शर्मा, गया (बिहार), विवेक उपाध्याय, बलिया (यूपी) शामिल हैं.

एग्जाम से पहले ही वायरल होने की बात आई सामने
यूपी RO/ARO का एग्जाम 12 फरवरी 2024 को हुआ था. इसका नोटिफिकेशन 2023 में जारी किया गया था. इस एग्जाम के प्रारम्भ होने से पहले ही पेपर सोशल मीडिया पर वायरल होने की कम्पलेन मिली थी. इसके बाद इस एग्जाम को कैंसिल कर दिया गया था और उत्तर प्रदेश STF को इसकी जांच सौंपी गई थी.

STF के जारी बयान के मुताबिक, पेपर 11 फरवरी की सुबह प्रयागराज के एग्जाम सेंटर बिशप जॉन्सन गर्ल्स विद्यालय एण्ड कॉलेज से लीक कराया गया था. इसके साथ ही जांच में ये संदेह हुआ कि पेपर एग्जाम सेंटर के अतिरिक्त कहीं और से भी लीक कराया गया हो सकता है. इस पर प्रिंटिंग प्रेस के बारे में जानकारी ली तो पता चला पेपर भोपाल से छपवाया गया था.

इंजीनियरिंग कॉलेज के स्टूडेंट्स पेपर लीक मास्टरमाइंड
इंवेस्टिगेशन में सामने आया कि राजीव नयन मिश्रा, सुभाष प्रकाश, विशाल दुबे और सुनील रघुवंशी (प्रिटिंग प्रेस कर्मचारी) भिन्न-भिन्न प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़े थे.

विशाल को जब पता चला कि उसके साथ का पढ़ा हुआ सुनील रघुवंशी प्रिटिंग प्रेस में जॉब करता है, तो यह बात विशाल दुबे ने मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्रा उर्फ राहुल और सुभाष प्रकाश को बताई.

विशाल दुबे ने सुनील रघुवंशी को पैसे का लालच देते उत्तर प्रदेश में होने वाले किसी भी एग्जाम के क्वेश्चन पेपर छपने पर उसे बताने को कहा. पैसे के लालच में सुनील रघुवंशी तैयार हो गया और उसने प्रिटिंग प्रेस में एक क्वेश्चन पेपर छपने की बात उसको बता दी.

राजीव नयन मिश्रा, विशाल दुबे और सुभाष प्रकाश ने इस प्रश्न पत्र को आउट कराने के लिए सुनील रघुवंशी को तैयार कर लिया.

10 लाख में बेचे क्वेश्चन पेपर
3 फरवरी 2024 को सुनील मौका देखकर प्रिटिंग प्रेस मशीन के एक पार्ट को बाहर ठीक कराने के नाम पर अपने पीने के पानी के बोतल के साथ लेकर प्रेस से आ गया. इन्हीं में क्वेश्चन पेपर छुपाकर बाहर लाया था.

दोनों पेपर के लिए भिन्न-भिन्न नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया. कॉन्स्टेबल एग्जाम के लिए दिल्ली पुलिस के विक्रम पहल के नेटवर्क का इस्तेमाल किया और RO/ARO में उत्तर प्रदेश पुलिस के एक सस्पेंड पुलिस अरुण सिंह और विद्यालय डायरेक्टर शरद पटेल के नेटवर्क का यूज किया था.

UPPSC ने औनलाइन मांगे थे सबूत
यूपीपीएससी ने 12 फरवरी को इसकी जांच एसटीएफ को सौंपी थी और पेपर वायरल होने की बात को लेकर बोला था कि यदि किसी को क्वेश्चन पेपर को लेकर कोई सबूत है, तो उसकी कॉपी शपथ पत्र के साथ पूरा नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर समेत ई-मेल आईडी roraro2023info@gmail.com पर 2 मार्च तक भेज सकते हैं.

1 लाख से अधिक कैंडिडेट्स हुए थे शामिल
RO के 334 और ARO के 77 कुल 411 पोस्ट के लिए 12 फरवरी 2024 को उत्तर प्रदेश के 58 जिलों में 2387 सेंटर्स पर एग्जाम हुआ था. इस एग्जाम के लिए 10 लाख 76 हजार कैंडिडेट्स ने लागू किया था, जिसमें से लगभग 64% कैंडिडेट्स ने एग्जाम दिया था.

दावा किया गया था कि इस एग्जाम के पहले ही इसके उत्तर वाट्सएप पर वायरल हो गए थे.

कैंडिडेट्स ने कहा-पेपर लीक है, गवर्नमेंट वीक है
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पेपर के अगले दिन ही यानी 13 फरवरी 2024 को कैंडिडेट्स ने लोक सेवा आयोग के बाहर प्रदर्शन किया था. ‘पेपर लीक है, गवर्नमेंट वीक है’ के नारे लगाते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ का पुतला फूंका था. इसके बाद ही पेपर को कैंसिल करने की मांग की गई थी.

RO/ARO 2024 कैलेंडर भी जारी

यूपीएससी ने 2024 RO/ARO नोटिफिकेशन कैलेंडर भी जारी कर दिया है. इसका प्रीलिम्स एग्जाम 22 दिसंबर 2024 को लिया जाएगा. यूपीएससी ने 411 पोस्ट्स के लिए ये नोटिफिकेशन जारी किया है. इसके एप्लीकेशन विंडो अभी ओपन नहीं की गई है.

 

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