संभल की जामा मस्जिद की रंगाई-पुताई का काम हुआ शुरू
संभल की (विवादित ढांचा) जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर टकराव के बीच आज दूसरे दिन भी रंगाई-पुताई का काम प्रारम्भ हो गया है. वहीं एलईडी लाइटों को भी लगा दिया गया है.
हाईकोर्ट के न्यायाधीश रोहित रंजन अग्रवाल के आदेश पर रंगाई-पुताई का काम प्रारम्भ हुआ है. ASI की देखरेख में करीब 14-15 मजदूर काम में लगे है. वहीं 24 नवंबर को सर्वे के दौरान हुई अत्याचार में पथराव में टूटे प्लास्टर को फिलहाल ऐसे ही छोड़कर सभी हिस्सों में सफेदी की जा रही है.

बीती 13 मार्च को दो सदस्यीय टीम ने निरीक्षण कर लंबाई-चौड़ाई को नापा था. इंतजामिया कमेटी जामा मस्जिद की रंगाई-पुताई को लेकर के उच्च न्यायालय गई थी, बीती 12 मार्च को न्यायाधीश रोहित रंजन अग्रवाल ने सुनवाई करते हुए एक हफ्ते के अंदर सफेदी करने के निर्देश दिए थे और बोला था कि काम पूरा होने के बाद उसका खर्चा इंतजामिया कमेटी ASI को देगी.
सदर जफर अली एडवोकेट ने कहा कि आज करीब 14-15 लोग लगे हुए हैं. ASI से मिलकर काम पूरा करेंगे. हिंदू पक्ष कह रहा है कि भगवा रंग भी होना चाहिए, पर उन्होंने बोला कि उनकी यह मांग अनुचित है. यह गलत और गैर कानूनी मांग है.
उन्होंने आगे बोला कि यहां सैकड़ों वर्षों से हरा, सफेद और हल्का सुनहरा रंग होता चला आया है और वही रंग बने रहेंगे. जहां तक रंगों का ताल्लुक है, सैकड़ों वर्षों से जो रंग होते चले आ रहे हैं, वही रहेंगे. हिंदू पक्ष की यह मांग गलत और गैर कानूनी है.
शाही जामा मस्जिद परिसर में जहां-जहां सफेदी है, वहां सफेद रहेगा. जहां हरा रंग है, वहां हरा रहेगा और जहां हल्का सुनहरा रंग है, वहां हल्का सुनहरा ही रहेगा. फिलहाल, मस्जिद के बाहर की बैक साइड में काम चल रहा है.
विवादित ढांचे की रंगाई-पुताई को लेकर हिंदू पक्ष ने भी अपना विरोध दर्ज कराया है. डीएम-एसपी से मिलकर हरिहर मंदिर के पक्षकार और सीएम योगी आदित्यनाथ के नाथ संप्रदाय के महंत बाल योगी दीनानाथ ने बोला कि यदि हर रंग पोता जा रहा है, तो भगवा रंग भी होना चाहिए.
उन्होंने यह भी बोला कि यह किसी एक समुदाय की इमारत नहीं है, बल्कि हिंदू समुदाय का भी इस पर अधिकार है. यह भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित इमारत है. इसलिए, इमारत पर सिर्फ़ सफेदी की जाए और कोई अन्य रंग न किया जाए.

