महाकुंभ में फिर से उमड़ा सैलाब, बाधित किया गया संगम रेलवे स्टेशन
महाकुंभ को लेकर प्रयागराज में अभी तक भारी भीड़ उमड़ रही है, भीड़ को देखते हुए प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन को अब 28 फरवरी तक के लिए बंद कर दिया गया है. बोला जा रहा है कि अगर भीड़ की हालत ऐसी ही रही तो प्रयागराज संगम स्टेशन को बंद रखने की तारीख को आगे बढ़ाया जा सकता है.

डीएम ने मंडल रेल प्रबंधक को इस संबंध में एक पत्र भी लिखा है. पत्र में बोला गया है कि महाकुंभ में अत्यधिक संख्या में श्रद्धालुओं/स्नानार्थियों का आगमन हो रहा है, ऐसे में उनके सुगम, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आवागमन हेतु 17 फरवरी से 28 फरवरी 2025 तक दारागंज से रेल यात्रियों का आवागमन बंद किया जाना जरूरी है.
डीएम ने मंडल रेल प्रबंधक को लिखा पत्र
इसको लेकर प्रयागराज डीएम रविन्द्र कुमार मांदड़ ने मंडल रेल प्रबंधक से निवेदन किया है कि उपरोक्त तारीख को दारागंज यानी प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन को यात्रियों के आने-जाने के लिए बंद रखा जाए.बता दें कि महाकुंभ क्षेत्र के दारागंज क्षेत्र में संगम रेलवे स्टेशन पड़ता है और यह मेला क्षेत्र के सबसे करीब का रेलवे स्टेशन है. वहीं स्टेशन पर तैनात आरपीएफ और जीआरपी जवानों से भी भीड़ को देखते हुए अलर्ट मोड में रहने को बोला गया है.
डीजीपी ने कही ये बात
दरअसल, महाशिवरात्रि से पहले महाकुंभ में काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. ऐसे में प्रयागराज में शहर के अंदर और बाहर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं. रविवार को छुट्टी की वजह से प्रयागराज और उसके आसपास के इलाकों में लंबा जाम लगा रहा लेकिन फिलहाल ट्रैफिक प्रबंध सुचारू रूप से चल रही है. यूपी के डीजीपी ने कहा कि महाकुंभ में आने के लिए प्रयागराज के चारों तरफ के रास्तों में ट्रैफिक सुचारू रूप से चल रहा है.
रविवार की सुबह 8 बजे के करीब प्रयागराज शहर के दो रास्तों- लेप्रोसी तिराहा और फाफामऊ तिराहे पर ट्रैफिक जाम लगा था.
मिर्जापुर-प्रयागराज हाइवे पर ट्रैफिक क्लियर है.
रीवा, जौनपुर, लखनऊ, वाराणसी और कौशांबी से प्रयागराज आने-जाने वाले रास्तों पर भी ट्रैफिक क्लियर है.
सीएम योगी ने लोगों से की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपने वाहन को सड़कों पर पार्क ना करें, निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों का इस्तेमाल करें. सीएम ने श्रद्धालुओं से स्वच्छता प्रोटोकॉल का पालन करने और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह किया, ताकि सभी प्रतिभागियों के लिए आध्यात्मिक रूप से समृद्ध और स्वच्छ अनुभव सुनिश्चित हो सके.

