सहारनपुर में PWD के 9 ठेकेदारों समेत 29 लोगों को SC-ST का मुकदमा हुआ दर्ज
सहारनपुर में PWD के 9 ठेकेदारों पर नामजद समेत 29 लोगों को SC-ST का केस दर्ज हुआ है. बीजेपी पार्षदों का ये केस 9 दिन के बाद दर्ज हुआ है. लखनऊ के बीजेपी संगठन की ओर से आए फरमान के बाद मंत्री ओर जनप्रतिनिधियों की मीटिंग हुई.
पार्षद पति की ओर से हुआ केस दर्ज नगर निगम के वार्ड-13 के पार्षद पति नीरज कुमार की ओर से ठेकेदार नरेश त्यागी, हिमांशु कात्याल, धनपाल राणा, इरशाद, सुनित, विक्रांत त्यागी, संजय शर्मा, अमित त्यागी और राकेश राणा समेत 29 लोगों पर SC-ST का केस दर्ज हुआ है. ये केस पीडब्ल्यूडी XEN धर्मेंद्र सिंह से हुए टकराव के 9 दिन बाद दर्ज हुआ है. बीजेपी पार्षदों द्वारा चेतावनी दी गई थी यदि उनका केस दर्ज नहीं हुआ तो वे सामूहिक गिरफ्तारी देंगे.
शीर्ष संगठन से आया फरमान भाजपा सूत्रों के अनुसार, जब बीजेपी पार्षदों पर पीडब्ल्यूडी के XEN धर्मेंद्र सिंह की ओर से केस दर्ज कराया गया. बीजेपी पार्षदों ने सामूहिक गिरफ्तारी का घोषणा कर दिया. ये घोषणा लखनऊ में बैठे शीर्ष नेताओं के कानों में पड़ा तो पार्षदों से दो दिन का समय मांगा गया.
जिसके बाद पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री कुंवर बृजेश सिंह को बैठक कर पार्षदों के टकराव को शांत करने का निर्देश मिला. लेकिन पार्षदों ने ठेकेदारों पर केस और अधिकारी पर कार्रवाई की मांग करने पर अड़े रहे. जिसके बाद ये केस दर्ज हुआ है. हालांकि ऑफिसरों पर केस दर्ज कराने के लिए शासन की ओर से अनुमति मांगने की बात सामने आ रही है.
29 अगस्त को हुआ था XEN और पार्षदों का विवाद दरअसल, 29 अगस्त को पीडब्ल्यूडी के XEN धर्मेँद्र सिंह के पास बीजेपी के अधिकारी नाला निर्माण और मंदिर की दीवार टूटने की कम्पलेन लेकर पहुंचे थे. पार्षदों का इल्जाम था कि ठेकेदार द्वारा घटिया सामग्री से नाला निर्माण किया गया. जिस कारण बरसात में नाला गिरा और सारा पानी वाल्मीकि बस्ती में भर गया.
जिस कारण वाल्मीकि मंदिर की दीवार भी गिर गई. जिससे समाज के लोग नाराज हुए. मंदिर की दीवार बनाने को लेकर दोनों में टकराव हो गया. हालांकि बाद में दीवार बनवाने का आश्वासन भी दिया गया. लेकिन पार्षदों के जाने के बाद XEN धर्मेँद्र सिंह ने गंभीर धाराओं में 43 पार्षदों पर केस दर्ज करा दिया. जिसके बाद रार ओर बढ़ गई.

