बाढ़ में मेहनत को बहता देख अंदर तक टूटा किसान, उठाया ये खौफनाक कदम…
जालौन में बुधवार को एक पुरुष ने गौशाला के पास बाबुल के पेड़ पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. इस घटना से घर में कोहराम मच गया. जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय पुलिस मौके पर पहुंची और मुद्दे की जांच में जुट गई. वहीं परिजनों ने कहा कि बाढ़ से फसल बर्बाद होने से हताश होकर यह खुदकुशी की है. घटना से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है.

परिवार के भविष्य को लेकर बहुत परेशान था
जानकारी के मुताबिक सिरसा कलार थाना क्षेत्र के दहेलखंड गांव के रहने वाले 40 वर्षीय किसान विमल निषाद की फसल बीते दिनों आई बाढ़ ने बर्बाद कर दी थी. वह खेती करके ही परिवार का भरण पोषण करता था. फसल डूब जाने से वह ऋण और परिवार के भविष्य को लेकर बहुत परेशान था. अवसाद की इसी स्थिति में बुधवार सुबह उसने गांव के बाहर स्थित गोशाला के सामने अपने ही खेत में बबूल के पेड़ पर गमछे से लटक कर जान दे दी.
घटना की जानकारी ग्रामीणों ने पुलिस को दी. सूचना मिलते ही सिरसा कलार थानाध्यक्ष परवेन्द्र सिंह फील्ड यूनिट टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल की. मृतशरीर को नीचे उतारकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
पूरी आशा फसल पर ही टिकी रहती थी
ग्रामीणों के मुताबिक विमल मेहनतकश किसान था. पूरी आशा फसल पर ही टिकी रहती थी. परिवार की रोजी-रोटी का आधार छिन जाने के बाद से ही वह गुमसुम रहने लगा था. उसकी अचानक खुदकुशी से पत्नी और बच्चे बेसहारा हो गए हैं. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
गांव वालों का बोलना है कि हर वर्ष बाढ़ से किसानों की फसलें बर्बाद होती हैं, लेकिन प्रशासन से अब तक उन्हें पर्याप्त मुआवजा या सहायता नहीं मिली है. यदि समय पर किसानों की आर्थिक सहायता और फसल का मुआवजा मिले तो शायद ऐसी नौबत न आए. वहीं पुलिस का बोलना है कि घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

