KGMU में भीषण गर्मी में तड़प रहे हैं गंभीर मरीज, अव्यवस्था भी ले रही है जान
KGMU के लारी कॉर्डियोलॉजी में गंभीर रोगियों को भी उपचार नहीं मिल रहा है. बदहाल आपातकालीन सेवाओं से रोगियों की जान जोखिम में हैं. दो से तीन दिन बाद भी दिल के गंभीर रोगियों को भर्ती नहीं किया जा रहा है. रोगी भयंकर गर्मी में परिसर में तड़प रहे हैं. उनकी पीड़ा

सरकार रोगियों को बेहतर उपचार मौजूद कराने के लिए KGMU को हर वर्ष करोड़ों का बजट दे रही है. बड़ी-बड़ी बिल्डिंगों के लिए भारी भरकम बजट दे रही है. आधुनिक उपकरणों का भी तोहफा दे रही है. गवर्नमेंट की मंशा के विरुद्ध लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग में रोगियों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा है.
टिन शेड में उपचार के करना पड़ रहा इंतजार
इमरजेंसी में भी रोगियों को दिखाना आसान नहीं है. जांच रिपोर्ट आने तक दिल के रोगियों को टीन शेड के नीचे बिठा दिया जाता है. इसकी वजह से रोगियों को खासी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है. काफी रोगी तो एम्बुलेंस में ही भर्ती के प्रतीक्षा में तड़पते हैं.
गर्मी में दिन भर झुलसने को विवश मरीज
रायबरेली के रहने वाले 68 वर्ष के मोहनलाल को दिल से सम्बंधित रोग है. क्षेत्रीय हॉस्पिटल में दिखाने पर डॉक्टरों ने लारी कॉर्डियोलॉजी में दिखाने की राय दी. मोहनलाल सोमवार को लारी पहुंचे. पता चला मंगलवार तक छुट्टी होने के कारण OPD नहीं चलेगी. वह लारी में ही फाइबर सेट के नीचे दो दिनों तक भयंकर गर्मी में रुके. OPD में दिखाने के लिए रात 3 बजे से ही लाइन में लग गए. दोपहर 12 बजे तक भी उनका नंबर नहीं आया और काउंटर को बंद कर दिया गया. हताश मोहनलाल बिना डॉक्टर को दिखाए ही घर लौट गए.
इलाज के लिए तड़पते रहे बुजुर्ग
सीतापुर के घाट मायापुर के 71 वर्ष के बुजुर्ग रामसिंह को पेसमेकर लगा है. छाती में टांके लगे हुए हैं. बुधवार को परिजन टांके कटवाने के लिए रोगी को लेकर लारी लाए थे. इल्जाम है कि कोई भी डॉक्टर देखने को तैयार नहीं है. हताश होकर रामसिंह को परिजन ने फाइबर सेंट के नीचे लिटाया है. भयंकर गर्मी और उपचार न मिलने के कारण उनकी हालत और बिगड़ गई
ऑनलाइन प्रबंध चौपट
लारी कार्डियोलॉजी में पूरे प्रदेश के आलावा दूसरे राज्यों और नेपाल तक के दिल के मरीजों को उपचार के लिए लाया जाता है यहां 250 पंजीकरण ऑनलाइन, और 100 पंजीकरण ऑफलाइन किए जा रहे हैं. औनलाइन कराने वाल यदि कोई रोगी नहीं आता है तो वह संख्या ऑफलाइन में बढ़ा ली जाती है. औनलाइन OPD पंजीकरण की प्रबंध बिल्कुल चौपट है. कई बार कोशिश के बाद भी पंजीकरण नहीं हो पा रहा है. इससे ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए रोगियों की रात से ही लाइन लग रही है.
इलाज के प्रतीक्षा में AC के आउटडोर की गर्मी झेलने को मजबूर
लारी के OPD में फाइबर सेट के नीचे रोगी और तीमारदार रुकते हैं. कई रोगियों को यहां दिनभर और कुछ रोगियों को कई दिनों तक रुकना पड़ता है. OPD में लगी एसी का आउटडोर इस तरफ लगाया गया है. आउटडोर से निकलने वाली गर्म हवा से रोगी तीमारदार बेहाल हो रहे. वहीं, एक आउटडोर के पंखे की जाली भी टूटी है. इससे किसी भी चोटिल होने का खतरा अलग बना हुआ है.

