उत्तर प्रदेश

मानसून सत्र के दौरान श्री बांके बिहारी मंदिर न्यास को मिली मंजूरी

लखनऊ, 14 अगस्त (). यूपी विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान श्री बांके बिहारी मंदिर न्यास को स्वीकृति दी गई. सत्ता पक्ष ने इसे ऐतिहासिक कदम करार दिया. इसे सीएम योगी आदित्यनाथ और बीजेपी नेताओं ने मथुरा के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को बढ़ाने वाला कदम बताया. सत्ता पक्ष ने इसे तीर्थाटन और पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास के लिए जरूरी माना. वहीं, विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही

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योगी गवर्नमेंट में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मथुरा कॉरिडोर पर बोला कि इसे स्वीकृति मिल चुकी है, और मुख्यमंत्री योगी ने गरीबों, राष्ट्र और प्रदेश के भलाई में निर्देश दिए हैं. किसी को कोई परेशानी नहीं होगी.

मंत्री जेपीएस राठौर ने बोला कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनकर तैयार हो चुका है, विंध्याचल कॉरिडोर निर्माणाधीन है, और श्री राम मंदिर भव्य और दिव्य बन चुका है. अब, शेष कृष्ण कन्हैया कॉरिडोर का भी विकास किया जा रहा है. मैं देख रहा हूं कि धीरे-धीरे जन सहमति बन रही है और आगंतुकों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आरामदायक अनुभव हो, इसके लिए सुविधाओं की योजना बनाई जा रही है. इसमें कोई चिंता की बात नहीं है, एक बहुत अच्छा कॉरिडोर बन रहा है.

भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह ने बोला कि विपक्ष हर चीज में नकारात्मक राजनीति करता है. उनकी केवल नकारात्मक राजनीति होती है, जबकि उन्हें सकारात्मक होना चाहिए. मथुरा का विकास होगा, लाखों लोग वहां आते हैं, और यह हम सबकी आस्था का केंद्र है. हम चाहते हैं कि यह बहुत सुंदर बने और यह बहुत अच्छी बात होगी.

अपना दल (कमेरावादी) की विधायक पल्लवी पटेल ने विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश विजन डॉक्यूमेंट 2047 पर बोला कि सामाजिक इन्साफ के बिना ठीक अर्थ में विकास संभव नहीं है. 2047 का विजन तभी साकार होगा, जब संविधान में निहित सामाजिक इन्साफ को स्थापित किया जाएगा, जो राष्ट्र का मूल आधार है.

उन्होंने पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों के अधिकारों और अधिकार की वकालत की. उन्होंने साफ किया कि सिर्फ़ जातिगत जनगणना की घोषणा से सामाजिक इन्साफ सुनिश्चित नहीं होगा. इसके लिए जनगणना के आंकड़ों का गहन चिंतन और इसे जमीनी स्तर पर लागू करने की आवश्यकता है.

सपा नेता संग्राम यादव ने बोला कि विधानसभा सत्र के दौरान हमने यह भी बोला था कि यूपी राष्ट्र का एक प्रमुख राज्य है. बड़ा राज्य होने के नाते इसका मानसून सत्र कुशलतापूर्वक चलना चाहिए. मानसून सत्र की अवधि बहुत कम होती है, फिर भी समस्याएं बहुत अधिक हैं. विपक्ष बाढ़ से हुए हानि और बिजली के निजीकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाना चाहता था, जिससे पूर्वी यूपी के बिजली कर्मचारी आंदोलित हैं, और जनता भी उनका समर्थन कर रही है.

उन्होंने यह भी बोला कि विद्यालय मर्जर के कारण ग्रामीण शिक्षा का स्तर कम हो रहा है. विद्यालयों में विद्यार्थियों का नामांकन कम हुआ. इस गवर्नमेंट में बहुत सारी शराब की दुकानें खोल दी गई. इन सभी बातों पर चर्चा नहीं हो रही है. इसी कारण विजन डॉक्यूमेंट पर चर्चा हो रही है.

 

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