गोरखपुर को अंधेरे से मुक्ति दिलाएंगी 21 करोड़ की सोलर लाइटें, वाराणसी मार्ग से होगी शुरुआत
गोरखपुर के मुख्य प्रवेश मार्ग अब सौर ऊर्जा की रोशनी से चमक उठेंगे. नगर निगम ने हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) के सीएसआर फंड से 21 करोड़ रुपये की परियोजना प्रारम्भ की है. इसके अनुसार गोरखपुर की 27 प्रमुख सड़कों पर करीब 1,600 सोलर लाइटें लगाई जाएंगी. इस पहल का उद्देश्य शहर को रात में बेहतर रोशनी देने के साथ-साथ बिजली खर्च कम करना और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा को बढ़ावा देना है.

पहले चरण में तीन जरूरी मार्ग चुने गए
योजना का आगाज वाराणसी मार्ग, बर्फखाना-राजघाट मार्ग और खाद कारखाना इंदिरा गेट से नकहा ओवरब्रिज तक के रास्तों से किया जा रहा है. पहले चरण में नौसड़ से नगर निगम सीमा तक वाराणसी मार्ग पर 90 सोलर लाइटें लगाई जाएंगी. इसी तरह बर्फखाना से राजघाट तक 15 और खाद कारखाना इंदिरा गेट से नकहा ओवरब्रिज तक 70 लाइटें लगाई जानी हैं. इन सड़कों पर रात के समय आवाजाही करने वाले वाहन चालकों और यात्रियों को साफ और उजली रोशनी मिलेगी, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी.
तीन एजेंसियों को सौंपा गया काम
नगर निगम ने लाइटें लगाने का जिम्मा तीन भिन्न-भिन्न एजेंसियों को दिया है. तय शर्तों के अनुसार एक एजेंसी को 40 फीसदी और दो एजेंसियों को 30-30 फीसदी हिस्सेदारी में कार्य पूरा करना होगा. नगर निगम ने सभी एजेंसियों को वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है और समयसीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश भी दिए हैं. ऑफिसरों के अनुसार कार्य की गुणवत्ता पर लगातार नज़र रखी जाएगी, ताकि लगाई जाने वाली सोलर लाइटें लंबे समय तक कारगर रहें.
शहर के प्रवेश द्वार होंगे सुन्दर और सुरक्षित
अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह ने कहा कि सोलर लाइटें लगने के बाद गोरखपुर के प्रवेश द्वार न सिर्फ़ सुन्दर दिखेंगे, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी जरूरी सुधार होगा. विशेष रूप से वाराणसी मार्ग से आने वाले यात्रियों को दूर से ही रोशनी से नहाई सड़कें नजर आएंगी. इससे शहर की खूबसूरती बढ़ने के साथ रात में लोगों की आवाजाही और भी सुरक्षित होगी.

