उत्तर प्रदेश

आवारा कुत्ता के काटने पर उसे 10 दिनों के लिए रखा जायेगा एबीसी सेंटर में…

गाजीपुर: यूपी की योगी गवर्नमेंट ने 10 सितंबर 2025 को एक कठोर आदेश जारी किया है आदेश के मुताबिक, यदि कोई आवारा कुत्ता पहली बार किसी आदमी को काटता है, तो उसे 10 दिनों के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर में रखा जाएगा इस दौरान कुत्ते का इलाज, टीकाकरण और नज़र की जाएगी उसके शरीर में एक माइक्रोचिप भी डाली जाएगी, ताकि आगे उसके व्यवहार पर नजर रखी जा सके

Download 2025 09 17t094550. 377

WhatsApp Group Join Now

लेकिन यदि वही कुत्ता दूसरी बार किसी को काटता है, तो तीन सदस्यीय जांच समिति यह तय करेगी कि धावा बिना उकसावे के हुआ था या नहीं गुनेहगार पाए जाने पर उस कुत्ते को जीवन भर कैद की सजा दी जाएगी यानी वह अपनी पूरी उम्र एबीसी सेंटर के शेल्टर हाउस में रहेगा

जनता की आवाज़ और लोकल रिएक्शन

इस आदेश पर जनता की भिन्न-भिन्न राय सामने आई है लोकल 18 की टीम जब गाजीपुर के फूलनपुर क्षेत्र में पहुंची जहां पर कुत्तों का काफी दिन से आतंक देखा गया

स्थानीय निवासी अवनीश का बोलना है कि “अगर कोई कुत्ता पहली बार ही किसी को बुरी तरह घायल कर दे या उसकी जान ले ले तो? दूसरी बार काटने का प्रतीक्षा ही क्यों? गवर्नमेंट को पहली बार काटने पर ही उम्रकैद की सजा देनी चाहिए

फूलनपुर निवासी शुभम  बताते हैं कि यहां अक्सर लाइन से कुत्ते घूमते रहते हैं छोटे बच्चे जब क्रिकेट खेलते हैं तो हमेशा डर के साए में रहते हैं कि कहीं कुत्ता काट न ले उन्होंने बोला कि गवर्नमेंट की यह पहल अच्छी है, बशर्ते कुत्तों को रखने की प्रबंध भी मजबूत हो

केंद्रीय विद्यालय के एक शिक्षक ने कहा, “मैं रोज़ बाइक से विद्यालय आता हूँ करीब 4-5 कुत्ते रोज मुझे पीछे से दौड़ाते हैं यदि बाइक रोक दूं तो भौंकने लगते हैं, और न रोकूं तो पीछा करते हैं यह हर रोज़ का खतरा है

स्थानीय लोगों का मानना है कि पालतू कुत्तों की देखभाल और वैक्सीनेशन तो मालिक करते हैं, लेकिन आवारा कुत्तों के लिए यह आदेश बहुत महत्वपूर्ण है, ताकि सड़क पर सुरक्षित माहौल बन सके

विशेषज्ञों की राय

गाजीपुर के डॉग एक्सपर्ट संजय सिंह का बोलना है कि यह पहल ठीक दिशा में है, लेकिन सबसे पहले गवर्नमेंट को अधिक एबीसी सेंटर बनाने होंगे नसबंदी और वैक्सीनेशन ही एकमात्र स्थायी निवारण है उन्होंने साफ बोला – “आवारा कुत्ते किसी के नहीं होते, वे किसी को भी काट सकते हैं, इसलिए यह कदम लोगों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है

इस तरह गवर्नमेंट का नया आदेश न सिर्फ़ कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए कठोर कदम है, बल्कि आम जनता के बीच चर्चा और बहस का बड़ा मामला भी बन गया है

Back to top button