कानपुर में शिया और सुन्नी समुदाय के बीच तनावपूर्ण स्थिति हुई पैदा

मामले की आरंभ तब हुई, जब शिया समुदाय के एक पुरुष ने सोशल मीडिया पर पैगंबर-ए-इस्लाम के खलीफाओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट की। यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई, जिसके बाद सुन्नी समुदाय के सैकड़ों लोग नवाब साहब के हाता में इकट्ठा हो गए। गुस्साए लोगों ने शिया समुदाय के विरुद्ध नारेबाजी प्रारम्भ कर दी और टिप्पणी करने वाले पुरुष की गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की। कुछ लोगों ने “सिर तन से जुदा” जैसे भड़काऊ नारे भी लगाए, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
दोनों समुदायों में नारेबाजी और हिंसा
विवाद बढ़ने पर शिया समुदाय के लोग भी सड़कों पर उतर आए और जवाबी नारेबाजी प्रारम्भ कर दी। दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज और तीखी नोकझोंक हुई। स्थिति तब और बिगड़ गई, जब कुछ विद्रोहियों ने एक-दूसरे पर पथराव प्रारम्भ कर दिया। इस दौरान आसपास की संपत्तियों में तोड़फोड़ की खबरें भी सामने आईं। गुस्साई भीड़ ने कथित तौर पर आरोपी पुरुष के घर पर धावा बोलने की प्रयास की, जिससे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही फीलखाना थाना पुलिस और जिला प्रशासन हरकत में आ गया। भारी पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए गए। पुलिस ने दोनों समुदायों के लोगों को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। कई लोगों को हिरासत में लिया गया है, और टिप्पणी करने वाले पुरुष के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई प्रारम्भ की गई है। पुलिस ने क्षेत्र को छावनी में परिवर्तित कर दिया है और अतिरिक्त बल तैनात कर शांति प्रबंध बनाए रखने की प्रयास की जा रही है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की है। कानपुर के पुलिस आयुक्त ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है और मुद्दे की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री साझा करने से बचने की राय दी है। साथ ही, यह भी आश्वासन दिया गया कि दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

