यूपी में लोक सेवा आयोग के खिलाफ छात्रों ने जमकर किया विरोध
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से होने वाली पीसीएस और समीक्षा अधिकारी जैसी प्रमुख परीक्षाओं में परिवर्तन को लेकर तैयारी कर रहे विद्यार्थियों ने लोक सेवा आयोग पहुंचकर जमकर विरोध किया। इस दौरान लगभग 30 हजार की संख्या में प्रतियोगी विद्यार्थी पहुंच गए। हालांकि 11 नवंबर को महा धरना की पहले से ही आयोग को सूचना थी, जिसको लेकर इसके चारों ओर भारी बेरीकेडिंग कर दी गई थी। लेकिन विद्यार्थी इस वेरीकेडिंग को तोड़ते हुए आगे बढ़ गए और गेट पर बैठकर धरना देने लगे।

क्यों कर रहे वन शिफ्ट वन एग्जाम की मांग
प्रतियोगी विद्यार्थियों ने लोकल 18 से बात करते हुए कहा कि पहले कभी भी पीसीएस और समीक्षा अधिकारी जैसी परीक्षा दो दिनों में नहीं आयोजित हुई है। आयोग के द्वारा या जानबूझकर नियमों में परिवर्तन किया जा रहा है। 2 दिन एग्जाम कराए जाने को लेकर विद्यार्थियों ने बोला कि इससे जहां परीक्षा की मौलिकता समाप्त होगी वहीं प्रश्नों का सरल और मुश्किल होने में भी परेशानी पैदा हो जाएगी। सम सामयिक संबंध में कौन सा प्रश्न मुश्किल होगा, कौन सा सरल होगा इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। उदाहरण के तौर पर पहले शिफ्ट में मराठों का संघर्ष पूछ ले और दूसरे शिफ्ट में मैसूर का युद्ध इस संबंध में कौन किसके लिए मुश्किल है इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। क्योंकि यह गणित के सूत्र पर आधारित नहीं है।
कोई नेतृत्व कर्ता नहीं
लगभग 30 हजार की संख्या में कोई भी नेतृत्व करता सामने नहीं आ रहा है। हर विद्यार्थी इसमें नेतृत्व करता दिखाई पड़ रहा है। वनडे वन शिफ्ट और नॉर्मलाइजेशन के विरोध में दिनभर भारी संख्या में विद्यार्थी डटे रहे वहीं रात को भी जिलाधिकारी और कमिश्नर से भी इनकी वार्ता हुई, लेकिन कोई हल नहीं निकला। विद्यार्थी हरेंद्र का बोलना है कि गवर्नमेंट युवाओं की भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ कर रही है। इससे पहले 17 मार्च को पीसीएस की परीक्षा होनी थी, लेकिन समीक्षा अधिकारी का पेपर लीक होने की वजह से इसे 24 अक्टूबर को होना था, लेकिन आयोग की ओर से परीक्षा के बीच में ही नियम में परिवर्तन किए जा रहे हैं, जिसको उच्चतम न्यायालय भी खारिज कर चुका है। हालांकि अभी आयोग की तरफ से कोई सूचना जारी नहीं हुई है। न ही द्विपक्षीय वार्ता में कुछ निष्कर्ष निकाल पाया है।

