बदायूं में अचानक पुलिसिंग पर उठ रहे हैं तमाम सवाल
बदायूं में पिछले छह दिन से अचानक पुलिसिंग पर प्रश्न उठने लगे हैं. इन छह दिन में जहां मर्डर की तीन वारदातें हुईं. वहीं लूट और ठगी की घटनाओं ने भी सिस्टम को हिलाकर रख दिया. गनीमत यह रही कि मर्डर की वारदात रेट वारदात में लगातार पुलिस को लीड मिलती रही और वर

पिछले कुछ महीनों में जिले में रुक-रुककर आपराधिक वारदातें होती रहीं और टाइमली वर्कआउट भी रहे. जो साधारण सी बात है लेकिन पिछले छह दिन के हालात पर गौर करें तो सीधे तौर पर यही लगता है कि क्रिमिनल खुलकर सड़क पर आ गए और पुलिस बैकफुट पर दिखी. नतीजतन लगातार तीन हत्या के बाद ठगी और लूट की वारदात तक हो गईं.
ये हुईं मर्डर की लगातार घटनाएं 16 अक्टूबर को फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के बसौमी गांव में घूरे के पास दबी पुरुष की मृत-शरीर बरामद हुई. पुरुष आकाश मुरादाबाद के कुंदरकी थाना क्षेत्र के नानपुर गांव का था. उसे सुनयोजित ढंग से उसका ममेरा भाई यहां लाया और मर्डर कर मृत-शरीर दबा दी. वहीं इसके अगले दिन बिल्सी के रायपुर बुजुर्ग गांव में अभय (14) पुत्र श्याम सिंह की गला रेतकर मर्डर कर दी गई. यहां भीड़ और पुलिस की तीखी झड़प भी हुई. इसके ठीक अगले दिन बिल्सी में सात वर्ष की बच्ची के साथ बलात्कार के बाद हत्या की सनसनीखेज वारदात हो गई. हालांकि तीनों घटनाओं का पुलिस ने चंद घंटों में वर्कआउट कर दिया.
फिर ठगों ने की वारदात हत्या की घटनाओं का खुलासा कर पुलिस ने राहत की सांस ली ही थी कि शनिवार को सदर कोतवाली क्षेत्र में स्थित गिंदोदेवी स्त्री डिग्री कालेज की क्लर्क प्रियंका पुत्री जितेंद्र सिंह के साथ लाखों की ठगी शहर की घनी जनसंख्या में हो गई. स्वयं को पुलिस वाला बताकर खाकी पैंट पहने दो ठगों ने उनके तकरीबन पांच लाख रुपये मूल्य के जेवरात उतरवा लिए और भाग गए.
अब पुरुष को लिफ्ट देकर लूटा इसी बीच सोमवार को सदर कोतवाली क्षेत्र के शहबाजपुर चौराहे से पुरुष विष्णु मुकेश को लिफ्ट देकर स्विफ्ट सवार लुटेरों ने उसकी चेन, अंगूठी समेत मोबाइल और कैश लूट लिया. जबकि बाद में बरेली हाईवे पर उसे बिनावर थाना क्षेत्र में चलती गाड़ी से फेंककर लुटेरे भाग निकले. यह घटना भी तीन थानों के बीच फंसे सीमा टकराव के बाद सदर कोतवाली में दर्ज हुई है.

