उत्तर प्रदेश

बरेली में 20 दिन से रुकी है फैक्टर-8 की आपूर्ति, बेहाल हुए हीमोफीलिया के मरीज

बरेली मंडल में हीमोफीलिया के रोगियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. जिला अस्पताल, बरेली में पिछले 20 दिनों से जीवनरक्षक दवा ‘फैक्टर VIII’ की आपूर्ति ठप है. इसके कारण सैकड़ों रोगियों का उपचार प्रभावित हो रहा है और उन्हें लखनऊ और दिल्ली जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ रहा है.

Red eritrosit blood count medical concept 08fafc6a 80ce 11ea a716 f322ae116ff6

WhatsApp Group Join Now

‘जीवन रेखा हीमोफीलिया जनकल्याण समिति’ की अध्यक्ष रेखा रानी ने कहा कि बरेली मंडल के जिलों (बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर) में लगभग 280 हीमोफीलिया रोगी दर्ज़ हैं. इन रोगियों का उपचार मुख्य रूप से जिला अस्पताल, बरेली में होता है. हीमोफीलिया में खून के थक्के नहीं बनते, जिससे हल्की चोट भी जानलेवा हो सकती है. ‘फैक्टर VIII’ इंजेक्शन इस रोग के उपचार के लिए जरूरी है, जिसकी अनुपलब्धता रोगियों के लिए जान का खतरा बन गई है.

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए समिति के पदाधिकारियों ने सीएम को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा. ज्ञापन में ‘फैक्टर VIII’ की आपूर्ति तुरन्त बहाल करने और इसकी नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की गई. प्रतिनिधिमंडल में रेखा रानी, महेश पंडित, ममता पंडित और राजेश रस्तोगी सहित कई सदस्य शामिल थे.

महेश पंडित ने कहा कि दवा न मिलने के कारण गरीब रोगियों को निजी अस्पतालों या बड़े शहरों में महंगा उपचार कराना पड़ रहा है, जो उनकी पहुंच से बाहर है. कई रोगियों की स्थिति गंभीर हो चुकी है, लेकिन समय पर उपचार न मिल पाने के कारण वे संकट में हैं.

समिति ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्न उठाए. रेखा रानी ने कहा-फैक्टर VIII जैसी महत्वपूर्ण दवा का लगातार अभाव बहुत चिंताजनक है. यह ढिलाई रोगियों की जान पर बन आई है. यदि समय रहते आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो कई अमूल्य जीवन संकट में पड़ सकते हैं.

Back to top button