नाश्ते के लिए भिड़ने वाले लेखपाल को चेतावनी देकर छोड़ा
बदायूं में नाश्ते को लेकर ज्वाइनिंग के पहले दिन ही केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा और डीएम मनोज कुमार से अनुशासनहीनता के आरोपी को अफसरों ने फिलहाल चेतावनी देकर छोड़ दिया है. इससे पहले आरोपी ने अपने स्पष्टीकरण में माफीनामा दिया, जबकि इसके बाद अफसरों ने लेख.

तीन दिन पहले कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित अटल बिहारी वाजपेयी बैठक भवन में नए लेखपालों को ज्वाइनिंग लेटर बांटने का कार्यक्रम हुआ था. इसमें केंद्रीय मंत्री समेत सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता और डीएम के साथ पूरा प्रशासनिक अमला वहां इकट्ठा था. कार्यक्रम समापन की ओर था और मुख्य मेहमान समेत अधिकारी नाश्ता कर रहे थे.
इसी बीच लेखपाल महेंद्र सिंह वहां पहुंचे और मुख्य मेहमान समेत डीएम से कहे कि- आप लोग कहते हैं कि निष्पक्ष होकर काम करना है, लेकिन मैं क्यों निष्पक्ष होकर काम करूं. आप लोग नाश्ता कर रहे हैं और हम ऐसे ही बैठे हैं. क्या ये पक्षपात नहीं है?
डीएम ने दिए थे स्पष्टीकरण के निर्देश
इस पर डीएम ने कहा- अनुशासन में रहिए और अपनी स्थान जाकर बैठ जाइए. आपका नाश्ता आपकी टेबल तक पहुंच रहा है, लेकिन लेखपाल वहीं खड़ा रहा. कुछ मिनट बाद अधिकारी वहां से उठ गए. केंद्रीय मंत्री कुछ देर तक डीएम के चैंबर में बैठे रहे. केंद्रीय मंत्री के जाने के बाद डीएम ने सदर एसडीएम एसपी वर्मा को लेखपाल महेंद्र से दो दिन में स्पष्टीकरण लेने और संतोषजनक उत्तर न मिलने पर बर्खास्त करने के निर्देश दिए.
लिखित माफीनामा दिया
लेखपाल को सदर तहसील क्षेत्र के रियोनइया में पहली पोस्टिंग मिली है. वह वायुसेना से रिटायर कहा जाता है. हालांकि इसके बाद लेखपाल का बोलना था कि किन्हीं कारणों के चलते ऐसा बर्ताव कर दिया था लेकिन अब सबकुछ सामान्य है. एसडीएम एसपी वर्मा ने कहा कि लेखपाल ने माफीनामा दिया था. इसके एवज में उसे सख्त चेतावनी दी गई है कि भविष्य में अनुशासनहीनता न करे.

