नेपाली हाथियों की चहलकदमी से बिगड़ रहा है माहौल
पीलीभीत। यूपी के पीलीभीत में बीते कुछ दिनों से नेपाली हाथियों की चहलकदमी देखी जा रही है। झुंड से बिछड़े दो हाथीगभग दो हफ्ते से अधिक समय से माला रेंज के आसपास विचरण कर रहे हैं। इसी बीच उनकी दोस्ती पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के हाथियों से बढ़ रही है। लेकिन यह दोस्ती अफसरों के लिए चिंता का सबब बन रही है। फिलहाल अधिकारी चिंता में हैं और भारतीय हाथियों को कहीं और शिफ्ट करने की तैयारी में हैं।

दरअसल, बीते दिनों पीलीभीत टाइगर रिज़र्व की बाराही रेंज के रास्ते नेपाल के शुक्लाफांटा सेंचुरी से हाथी हिंदुस्तान में दाखिल हुए थे। लंबे समय तक भिन्न भिन्न इलाकों में विचरण करने के बाद ये हाथी पिछले 2 हफ्ते से माला रेंज नज़दीक देखे जा रहे हैं। नेपाली हाथियों ने सुरक्षा के लिहाज़ से की गई तार फेंसिंग को भी तोड़ दिया। वहीं दूसरी ओर कई एकड़ गेंहू की फसल भी रौंद दी। लेकिन इस सबके बीच सबसे रोचक बात है नेपाली हाथियों की पीलीभीत टाइगर रिजर्व के माला रेस्ट हाउस में उपस्थित हाथियों से बढ़ती नजदीकी। जानकारों की मानें तो नेपाली हाथी यहां उपस्थित 4 हाथियों को अपना झुंड समझ रहे हैं। वैसे तो यह एक अच्छा संकेत है लेकिन ऑफिसरों के लिए यह चिंता बनता जा रहा है।
क्या है ऑफिसरों की चिंता का कारण?
दरअसल, साल 2022 में पेट्रोलिंग और अन्य कामों के लिए कर्नाटक से 4 हाथियों को पीलीभीत लाया गया था। लंबे समय तक इन हाथियों को प्रशिक्षण देकर तैयार किया गया। वर्तमान में ये हाथी वन विभाग को अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में यदि ये हाथी जंजीर तोड़ नेपाली हाथियों के साथ जंगल में निकल जाते हैं तो यह वन विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं। इसको देखते हुए पीलीभीत टाइगर रिज़र्व की माला रेंज में उपस्थित हाथियों को 2-2 के दल में भिन्न-भिन्न रेंजों में शिफ्ट किया जाएगा।
हाथियों को शिफ्ट करने की तैयारी
पूरे मुद्दे पर अधिक जानकारी देते हुए पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि क्षेत्र में हाथियों की चहलकदमी देखते हुए माला रेस्ट हाउस में उपस्थित हाथियों को शिफ्ट कराया जा रहा है।

