उत्तर प्रदेश

यहाँ से शुरू हुई थी लखनऊ के इंडियन ओवरसीज बैंक लूट की साजिश

लखनऊ के भारतीय ओवरसीज बैंक लूट की षड्यंत्र एक वर्ष पहले रची गई थी जालंधर कारावास में बंद रहने के दौरान कैलाश बिंद और विपिन वर्मा ने बनाया था प्लान जेल से बाहर आने के बाद बिहार के कैसलश बिंद ने अपने साथियों के साथ दिया अंजाम

Lucknow news 3

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राजधानी लखनऊ के चिनहट क्षेत्र में पुलिस चौकी से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित भारतीय ओवरसीज बैंक में सेंधमारी कर 42 लाकर तोड़कर करोड़ों के जेवरात चोरी के मुद्दे का खुलासा पुलिस ने 48 घंटे के अंदर कर दिया अब तक इस मुद्दे में दो आरोपी को पुलिस यमलोक पहुंचा दिया है जबकि तीन सलाखों के पीछे हैं, जिनमें से एक एक पैर में गोली लगी है अभी भी पुलिस को दो आरोपियों की तलाश है अब तक खुलासे में बिहार के इस गैंग की चौंकाने वाले करतूत सामने आयी है

दरअसल, इस बैंक रॉबरी की षड्यंत्र एक वर्ष पहले जालंधर कारावास में रची गई थी उस समय बैंक चोरों के रैकेट का मुखिया कैलाश बिंद और लखनऊ का विपिन वर्मा जालंधर कारावास में बंद थे कैलाश बिंद बिहार का रहने वाला है और बिहार के कई शातिर बैंक चोर उसके रैकेट में शामिल हैं कारावास में विपिन वर्मा ने ही कैलाश बिंद के साथ लखनऊ में बड़ी बैंक चोरी की षड्यंत्र रची थी वारदात से चार दिन पहले ही चोरी में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिक कटर और अन्य साजो सामान के साथ बिहार का गैंग लखनऊ आ गया था  विपिन ने इस रैकेट को इंदिरा नगर के एक होटल में रुकवाया था

चार दिन तक की रेकी
चार दिन में इस रैकेट ने बैंक और आसपास के क्षेत्र की रेकी की और ये जान लिया कि बैंक में सेफ्टी, सिक्योरिटी गार्ड का कोई मजबूत सिस्टम नहीं है बैंक में कहां सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और कहां नहीं ये भी अच्छी तरह से जानकारी ले ली वारदात की रात करीब साढ़े 12 बजे बैंक के बगल के खाली प्लॉट में कूदकर दाखिल हुए चार चोर सेंध लगाकर बैंक में दाखिल हुए थे इस दौरान तीन चोर बाहर नज़र कर रहे थे क़रीब साढ़े तीन-चार घंटे तक चार चोर बैंक के अंदर रहे और 42 लॉकर काट डाले. जो लॉकर ऊंचाई पर थे उनको छोड़ दिया गया था ताकि समय बर्बाद न हो सूत्रों के अनुसार जिन 42 लॉकर्स को काटा गया उनमें से दो खाली थे जेवर और कीमती सामान चुराने के बाद ये रैकेट दो टोलियों में बंटकर फरार हो गया

एक मोबाइल कॉल से खुली पूरी वारदात
लॉकर काटने के दौरान अरविंद कुमार की एक सीसीटीवी फुटेज पर लखनऊ पुलिस की निगाह पड़ी, जिसमें वह मोबाइल पर बात करता हुआ दिखाई दिया बस इसी मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली गई और शातिरों की पहचान हो गई फुटेज में दिखा अरविंद मोबाइल से बाहर खड़े चोरों से बात कर रहा था  लिहाज़ा बाहर खड़े चोरों की भी जानकारी मिल गई इसके बाद पुलिस ने पूरे रैकेट का भंडाफोड़ किया और चोरी के कुछ घंटों में ही लखनऊ में एक मुठभेड़ में तीन चोर अरैस्ट हुए, जिसमें अरविंद कुमार के पैर में गोली लगी उसके साथी बलराम और कैलाश भी पकड़े गए

 

अब तक 7 किलो सोने और 12 किलो चांदी के जेवर बरामद
तीनों पूछताछ में कुछ जानकारी मिली. जिसके बाद कुछ घंटों में ही लखनऊ किसान पथ पर हुई एनकाउंटर में बिहार निवासी सोबिंद कुमार मारा गया तो दूसरी तरफ बिहार भागते हुए गाजीपुर जिले में सनी दयाल मारा गया दोनों बदमाशियों से चोरी किए गए ज़ेवर और असलहे बरामद हुए हैं अब तक इनके पास से 4 किलो 93 ग्राम सोने और 11 किलो चांदी के जेवर बरामद हुए है इतना ही नहीं 9.17 लाख रुपए बरामद किए गए हैं सोमवार को लखनऊ में अरैस्ट चोरों से 1.889 ग्राम सोने और 1.240 ग्राम चांदी के ज़ेवर और 3 लाख रुपए बरामद हुए थे अब तक पुलिस ने कुल 6.819 किलो सोने के ज़ेवर, 12.240 किलो चांदी के ज़ेवर और कुल 12.17 लाख रुपए बरामद किए हैं गाजीपुर जिले में मारे गए सनी दयाल से करीब एक किलो चांदी के ज़ेवर बरामद हुए हैं

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