तकनीकी शिक्षा का हब बनेगा पूर्वांचल का यह संस्थान
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के (एमपीआईटी) को तकनीकी शिक्षा का मॉडल बनाने का आह्वान किया है। एमपीआईटी को पूर्व यूपी में तकनीकी शिक्षा के लिए हब बनाया जाएगा। सीएम के मुताबिक एमपीआईटी को विश्व स्तरीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को भविष्य की आवश्यकताओं के मुताबिक शिक्षा मिल सके।

बीटेक के छह ब्रांचों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू
इस सत्र से एमपीआईटी में बीटेक की पढ़ाई के लिए कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग, डाटा साइंस, साइबर सिक्युरिटी, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (वीएलएसआई डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी) जैसे छह ब्रांचों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ हो चुकी है। प्रत्येक ब्रांच में 60-60 सीटें निर्धारित की गई है। वहीं पहले सत्र में कुल 360 विद्यार्थियों को प्रवेश मिलेगा।
छह नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की हुई स्थापना
एमपीआईटी के परिसर में वर्तमान में छह नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जा रहे हैं, जिनमें ड्रोन टेक्नोलॉजी, थ्री डी प्रिंटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेस टेक्नोलॉजी और साइबर सिक्युरिटी जैसे उभरते हुए क्षेत्रों में पाठ्यक्रम संचालित होंगे। ये केंद्र ना सिर्फ़ एमपीआईटी के विद्यार्थियों के लिए बल्कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से मान्यता प्राप्त 15 अन्य तकनीकी संस्थानों के लिए भी जरूरी होंगे।
पूर्वांचल में तकनीकी शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
MPIT के सभी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पूर्वांचल के तकनीकी शिक्षण संस्थानों के लिए जरूरी केंद्र बनेंगे। इन केंद्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रोफेशनल सर्टिफिकेट कोर्स, माइनर डिग्री कोर्स और एडवांस कोर्सेज की सुविधा मिलेगी। जिससे वे वैश्विक मानकों के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकेंगे। कुलपति प्रो। जेपी सैनी ने कहा कि इस पहल से मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी और अन्य प्रमुख संस्थानों के विद्यार्थियों को भी फायदा मिलेगा। जिससे यह क्षेत्र तकनीकी शिक्षा का एक जरूरी हब बन जाएगा

