आगरा के इस शख्स को यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में जालसाजी पड़ गई भारी
UP Police Constable Exam: उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 23 अगस्त से प्रारम्भ हो चुकी है। इस बार एग्जाम को लेकर कठोरता बरती गई। आगरा के सादाबाद (हाथरस) के गांव विधिपुरा निवासी विवेक की उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में जालसाजी भारी पड़ गई। विवेक ने उम्र में छेड़छाड़ करने के लिए एक नया आधार कार्ड बनवाया था, जिसमें उसने अपना नाम बदलकर विमल रख लिया और जन्मतिथि 5 दिसंबर 2001 दर्ज करवा दी, जिससे उसकी उम्र 23 वर्ष बताई जाती थी। असल में, उसकी उम्र 29 वर्ष थी।

इस बार एआई से हो रहा वेरिफिकेशन
इस जालसाजी का भंडाफोड़ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से हुए वेरिफिकेशन के दौरान हुआ। परीक्षा के दौरान ही विवेक को पकड़ लिया गया और उसके विरुद्ध शाहगंज पुलिस स्टेशन में फर्जीवाड़ा और परीक्षा अधिनियम के अनुसार केस दर्ज किया गया।डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने कहा कि विवेक को शाहगंज स्थित साकेत विद्यापीठ इंटर कॉलेज में पकड़ा गया।अब पहली बार पुलिस भर्ती परीक्षा में AI की सहायता से वेरिफिकेशन किया जा रहा है।
इस तरह से हो रही चेकिंग
परीक्षा हॉल में अभ्यर्थी की फोटो टैबलेट से खींची जाती है, और इस फोटो और बायोमेट्रिक डाटा की सहायता से यह जांचा जाता है कि उसने पहले कभी पुलिस भर्ती परीक्षा दी है या नहीं। यदि अभ्यर्थी अपने लुक को बदलकर, जैसे दाढ़ी-मूंछ काटकर या सिर मुंडवा कर परीक्षा देने आए, तो भी AI की सहायता से उसे पकड़ लिया जाएगा। पुलिस ऑफिसरों ने पहले ही इस नयी प्रबंध की जानकारी सार्वजनिक कर दी थी। विवेक, जिसका वास्तविक नाम विजय सिंह था, ने पहले भी इसी नाम से पुलिस भर्ती परीक्षा दी थी, लेकिन वह फेल हो गया था।
अब नहीं चलेगी कोई भी मनमानी
इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि अब पुलिस भर्ती परीक्षा में AI तकनीक की सहायता से जालसाजी करना आसान नहीं है। इस भर्ती अभियान के अनुसार 50 हजार से ज्याादा पदों पर भर्तियां की जाएगी। आज दूसरे दिन की परीक्षा जारी है।

