सावन पूर्णिमा पर सिर्फ दो घंटे के लिए है यह मुहूर्त
इस बार अधिक मास ने सावन का महत्व और बढ़ा दिया। ऐसे-ऐसे दुर्लभ संयोग बने, जिन्होंने भक्तों को केवल आनंदित ही नहीं किया, बल्कि उनकी मनोकामनाओं की भी पूर्ति की। अब सावन समाप्त होने को है। सावन पूर्णिमा के साथ इस अद्भुत सावन की समापन होगी। लेकिन जाते-जाते यह सावन माह लोगों को एक और खास मुहूर्त देकर जा जाएगा।
ज्योतिष शास्त्र में मुहूर्त की अधिक महत्ता बताई गई है। विद्वानों का बोलना है कि शुभ मुहूर्त में किए गए कार्यों में ईश्वरीय शक्तियां सहायक होती हैं। यही वजह है कि सनातन धर्म को मानने वाले अपने हर शुभ कार्य में मुहूर्तों की जानकारी अवश्य करते हैं। ज्योतिष शास्त्र में हर कार्य के लिए मुहूर्त है। इसी कड़ी में ऐसा ही खास मुहूर्त सावन पूर्णिमा पर बन रहा है, जिसे बीमारी विमुक्ति स्नान मुहूर्त के नाम से जाना जाता है।
खास ग्रहीय योग बनने पर आता है मुहूर्त
अयोध्या के ज्योतिषाचार्य कल्कि राम बताते हैं कि बीमारी विमुक्ति स्नान मुहूर्त ऐसा है कि जिसमें विधि पूर्वक औषधि वाले जल से स्नान किया जाए तो हर तरह के रोगों से मुक्ति पाई जा सकती है। यह मुहूर्त हमेशा नहीं आता, कुछ खास ग्रहीय योग के बनने पर ही यह मुहूर्त बनता है। इस मुहूर्त में दिए गए समय पर यदि जल में औषधि डालकर स्नान किया जाए तो अत्यधिक फायदा मिलता है।
औषधि न हो तो यह तरीका करें
ज्योतिषाचार्य ने कहा कि 30 अगस्त दिन बुधवार को सावन पूर्णिमा की सुबह 7 बजे से 9:12 मिनट तक बीमारी विमुक्ति स्नान का मुहूर्त है। इस दो घंटे में ही आपको स्नान करना होगा। इसके लिए जल में किसी वैद्य द्वारा बताई गई औषधि डाल सकते हैं, गंगाजल का इस्तेमाल कर सकते हैं और यदि औषधि न मिले तो नीम की पत्ती को जल में डालकर स्नान करें। उन्होंने कहा कि वर्ष भर में यह मुहूर्त कई बार विशेष अवसरों पर आता है, यदि हर बार इसमें स्नान किया जाए तो बीमारी से मुक्ति जरूर मिलती है।

