महाकुंभ में आए इस संत ने अपने खून से पत्र लिखकर प्रधानमंत्री मोदी जी से की ये मांग
प्रयागराज: महाकुंभ में जहां करोड़ों श्रद्धालुओं ने आकर आस्था की डुबकी लगाई वही लाखों साधु संतों ने महाकुंभ में शामिल होकर सनातन धर्म के प्रचार प्रसार एवं खासियत पर आए भक्तों को खूब बताते नजर आए, लेकिन खास बतिया है कि यही संत महाकुंभ में सनातन बोर्ड के गठन की सहायता करने लगे.

इन्होंने लिखा रक्त पत्र
श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष एवं श्री कृष्ण जन्मभूमि /ईदगाह मुकदमा में मुख्य हिंदू पक्षकार पं दिनेश फलाहारी ने महाकुंभ में अपने खून से पत्र लिखकर पीएम मोदी जी से जल्द सनातन बोर्ड गठन करने एवं बफ बोर्ड को खत्म करने की मांग की है.
याद रहे यह वही दिनेश फलाहारी है जिन्होंने श्री कृष्ण जन्मभूमि पर कब्जा मुक्त होकर भव्य मंदिर निर्माण न होने तक नंगे पर रहकर अन्न का परित्याग कर संकल्प लिया है और वह इस संकल्प पर आज भी कायम हैसंपूर्ण भारतवर्ष में सनातन की आवाज को बुलंद करने के लिए यह जाने जाते हैं समय-समय पर आंदोलन के माध्यम से मुखर किरदार निभाते हैं एक वर्ष पहले इन्होंने मोहम्मद पैगंबर साहब पर विवादित बयान दिया था, जिसके कारण इन्हें कारावास जाना पड़ा था .लगभग 3 साल से इन्होंने अन्न ग्रहण नहीं किया है
सनातन बोर्ड समय की मांग
अपने पत्र में उन्होंने बोला कि सनातन बोर्ड का गठन परम जरूरी जिसके अनुसार मठ मंदिरों का संचालन, गौ माता का कत्लेआम पर प्रतिबंध, एवं सनातन के सबसे बड़े धर्म मठ शंकराचार्य पीठों पर चल रहे विवादों को खत्म किया जा सकता है. सनातन बोर्ड चुनाव आयोग की तरह एक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष संस्था बने जिससे संपूर्ण भारतवर्ष के सनातनी धर्माचार्य उसका लिखित संविधान बनाकर, हिंदू धर्म को मजबूत कर सके
उन्होंने पत्र के माध्यम से पीएम मोदी जी से सोशल मीडिया साइट एक्स पर भी कर गुहार लगाई है.कि वह अतिशीघ्र कैबिनेट में प्रस्ताव पास कर, लोकसभा में बिल पेश करें और इसे कानून बनाकर समस्त हिंदू जनमानस की भावना को देखते हुए अति शीघ्र लागू करें.

