उत्तर प्रदेश

गोरखपुर के आयुष विश्वविद्यालय में चल रही है यह योजना, जल्द मिलेगी ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा

गोरखपुर के महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष यूनिवर्सिटी में आयुर्वेद आधारित पंचकर्म इलाज को आम लोगों तक सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में बड़ी पहल की गई है. यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पंचकर्म सेवाओं का शुल्क तय करते हुए चार और सात दिन के उपचार के लिए विशेष पैकेज लॉन्च किया है. आने वाले दिनों में यह सेवा औपचारिक रूप से प्रारम्भ हो जाएगी.

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₹5000 में मिलेगा संपूर्ण उपचार

विश्वविद्यालय की क्लीनिकल एथिकल कमेटी ने राष्ट्र के विभिन्न सरकारी और निजी आयुर्वेद संस्थानों का शोध करने के बाद यह शुल्क तय किया है. सात दिन के संपूर्ण पंचकर्म इलाज पैकेज की मूल्य ₹5000 रखी गई है, जिसमें वमन, विरेचन, वस्ति, नस्य, शिरोधारा, रक्तमोक्षण जैसी प्रमुख विधाएं शामिल हैं.

फिलहाल ओपीडी स्तर पर इलाज सीमित रूप से प्रारम्भ हो चुका है. प्रत्येक दिन औसतन दो से तीन रोगी पंचकर्म का फायदा ले रहे हैं.

नई प्रबंध में क्या होगा खास:

• चार दिन का ओपीडी पैकेज – ₹120

• सात दिन का आईपीडी पैकेज – ₹120

• शिरोधारा / शिरोवस्ति / नस्य – ₹110 से ₹300

• पिंड स्वेद (बच्चों के लिए) – ₹300

• पिंड स्वेद (बड़ों के लिए) – ₹500

• प्राइवेट वार्ड (नॉन एसी) – ₹400 प्रतिदिन

• प्राइवेट वार्ड (एसी) – ₹1000 प्रतिदिन

केरल से आए विशेषज्ञ, बढ़ेगी सेवाओं की गुणवत्ता

पंचकर्म विभाग में अब जानकारों की टीम और मज़बूत हो गई है. केरल से आए अनुभवी फिजियोथेरेपिस्ट विशन और आतिरा को शुक्रवार को विभाग में नियुक्त किया गया है. इसके बाद विभाग में कुल फिजियोथेरेपिस्ट की संख्या तीन हो गई है.

ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा भी जल्द

विश्वविद्यालय प्रशासन रोगियों की सुविधा के लिए औनलाइन पेमेंट की प्रबंध और QR कोड भी जल्द ही मौजूद कराने जा रहा है, ताकि भुगतान प्रक्रिया सरल और पारदर्शी हो.

कुलपति डाक्टर के रामचंद्र रेड्डी ने बोला कि यूनिवर्सिटी का कोशिश है कि आम जनता को आयुर्वेद की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का फायदा बहुत कम खर्च में मिले. जल्द ही नए शुल्क के मुताबिक पूर्ण सेवाएं प्रारम्भ कर दी जाएंगी.

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