इस साल किसानों का पहचान बायोमैट्रिक निशान से…
समर्थन मूल्य पर होने वाली धान खरीदी में किसी प्रकार की धांधली को रोकने इस वर्ष किसानों का पहचान बायोमैट्रिक निशान से किया जाएगा। पिछले साल की तुलना में इस वर्ष अधिक धान खरीदी की आसार को देखते हुए धान बेचने आने वाले किसानों का मौके पर ही फिंगर प्रिंट लेकर धान खरीदी की जाएगी। किसानों से 31 अक्टूबर तक समितियों में अपना आधार नंबर और उनके द्वारा नामित एक अन्य सम्बन्धी का आधार पंजीयन कराने बोला है।
जिला खाद्य अधिकारी एसबी कामठे ने कहा कि फर्जी धान खरीदी रोकने इस वर्ष आधार नंबर आधारित बायोमैट्रिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसमें धान बेचने किसानों को स्वयं अथवा उनके द्वारा नामित आदमी के अंगूठे के निशान से आधार कार्ड पर आधारित बायोमैट्रिक प्रणाली की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा किसान या नामित आदमी द्वारा यदि किसी कारण से धान बेचने में परेशानी हो तो एक आदमी की नियुक्ति कलेक्टर द्वारा की जाएगी। वह किसान को धान बेचने में सहायता करेगा। पीडीएस दुकान में राशन लेने अंगूठा लगाना पड़ता है। किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने में परेशानी न हो, इसके लिए उनके परिवार और सम्बन्धी को नॉमिनी बनाने की सुविधा भी प्रदान की गई है। इसके आधार पर दर्ज़ किसान की अनुपस्थिति में उसके द्वारा बनाए गए नॉमिनी द्वारा धान की बिक्री की जा सकती है।
नवीन किसान पंजीयन 31 अक्टूबर तक किया जाएगा पिछले वर्ष दर्ज़ किसानों का पंजीयन उनके मौत और अन्य कारणों से खारिज करने पर ऐसे किसानों की जानकारी तहसीलदार को प्रेषित की जाएगी। पूर्व साल के दर्ज़ किसानों को अपना नॉमिनी जोड़वाने और संशोधन कराने के लिए 30 सितंबर तक आवेदन करना होगा। नवीन किसान पंजीयन 31 अक्टूबर तक किया जाएगा। पंजीयन कराने किसान को जिला सहकारी बैंक पासबुक, आधार कार्ड, कर्ज पुस्तिका, बी-1, नॉमिनी के आधार कार्ड की छायाप्रति और किसान की पासपोर्ट साइज फोटो और आधार लिंक मोबाइल नंबर साथ लाना होगा।

