चित्रकूट में लगेगा तीन दिवसीय मार्गशीर्ष अमावस्या मेला
धर्म नगरी चित्रकूट में कल यानी 12 दिसंबर से अग्रहायण माह (मार्गशीर्ष) की अमावस्या मेला प्रारम्भ होने जा रहा है। यह मेला तीन दिनों तक चलेगा। इस अमावस्या मेले में श्रद्धालु दूर-दूर से चित्रकूट मां मंदाकिनी में स्नान करने के लिए आते हैं और उसके बाद पूजा अर्चना करते हैं। मेले को लेकर प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है।
अमावस्या मेला को शांति और अच्छे ढंग से संपन्न कराए जाने के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट,जोनल मजिस्ट्रेट नामित किए गए हैं। जो संपूर्ण मेला क्षेत्र में अपने अपने निर्धारित स्थलों पर तैनात रहकर मेला प्रबंध को सकुशल संपन्न कराएंगे। वहीं मेला में लगे मजिस्ट्रेटों पुलिस विभाग के ऑफिसरों के साथ समन्वय स्थापित कर अपने-अपने तैनाती स्थलों पर मौजूद रहकर शांति प्रबंध बनाए रखते हुए मेला को सकुशल संपन्न करवाने के निर्देश दिए है।
सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्था किए जाएंगे
अपर जिला अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव ने अधिशासी अधिकारी पालिका परिषद कर्वी,जिला पंचायत राज अधिकारीको निर्देश दिए हैं कि पूरे मेला क्षेत्र में साफ सफाई के साथ-साथ मेला क्षेत्र में गोवंशो पर रोक लगाए। इसके साथ ही रामघाट और परिक्रमा पथ पर साफ सफाई अच्छी होनी चाहिए। और लाइट की प्रबंध को दुरुस्त करवाए। ताकि मेला क्षेत्र में अंधेरा न होने पाए।
परिक्रमा मार्ग पर लगवाएं सीसीटीवी कैमरे
एडीएम ने ऑफिसरों को निर्देश दिए है की रामघाट एवं परिक्रमा मार्ग पर सीसीटीवी कैमरा लगवाए साथ ही रामघाट एवं परिक्रमा मार्ग पर दुकानदार द्वारा किसी भी तरह का कब्ज़ा न होने पाए। जिससे कि आने जाने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी ना हो।अधिशासी अभियंता सिंचाई को निर्देश दिए कि हार बार की तरह मंदाकिनी गंगा रामघाट में घाट की पूरा साफ-सफाई डूबने से बचाव के लिए बैरिकेडिंग गोताखोर नाव संबंधी व्यवस्थाएं भी करवाई जाए।और साथ ही मेले स्थल पर चपे चपे पर पुलिस सुरक्षा तैनात की जाए।
हिंदू धर्म में अमावस्या का विशेष महत्व
मार्गशीर्ष माह में ही ईश्वर कृष्ण ने गीता का दिव्य ज्ञान दिया था, इसीलिए इस माह की अमावस्या तिथि को अत्यधिक फायदेमंद और पुण्य फलदायी मानी जाती है। मार्गशीर्ष अमावस्या को पितरों की पूजा करने का विशेष दिन माना गया है। इसी के ऐसी मान्यताएं है कि इस दिन पूजन और व्रत से पितर प्रसन्न होते हैं और पितृ गुनाह दूर होता है

