MGU में तीन दिन की इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस की हुई शुरुआत
गोरखपुर में महायोगी गोरखनाथ यूनिवर्सिटी (MGU) के फैकल्टी ऑफ हेल्थ साइंसेज और सोसाइटी फॉर बायोटेक्नोलॉजिस्ट इण्डिया (SBTI) के कोलैबोरेशन में तीन दिन की इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस की आरंभ रविवार को हुई. “आयुर्वेद और बायोमेडिकल साइंसेज में बायोटेक्नोलॉजी के

बायोटेक्नोलॉजी से हेल्थकेयर में ट्रांसफॉर्मेशन
ओपनिंग सेशन में आईसीएमआर के एक्स-डायरेक्टर जनरल और नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज के प्रेसिडेंट पद्मश्री प्रो। बलराम भार्गव ने बोला कि आयुर्वेद और बायोटेक्नोलॉजी का इंटीग्रेशन हेल्थकेयर सेक्टर में बड़ा इनोवेशन ला सकता है. बायोटेक्नोलॉजी की सहायता से ट्रेडिशनल मेडिसिन को मॉडर्न साइंटिफिक फ्रेमवर्क में एडॉप्ट किया जा सकता है, जिससे इसकी एफेक्टिवनेस और ग्लोबल एक्सेप्टेंस बढ़ेगी.
इंडियन नॉलेज सिस्टम और नेशन बिल्डिंग
कॉन्फ्रेंस की प्रेसिडिंग कर रहे मुख्यमंत्री के एजुकेशन एडवाइजर और यूजीसी के एक्स-चेयरमैन प्रो। डीपी सिंह ने बोला कि 21वीं सदी में आयुर्वेद, यूनानी और बायोटेक्नोलॉजी जैसे ट्रेडिशनल और मॉडर्न मेडिसिन सिस्टम के कोलैबोरेशन से हेल्थ सेक्टर में न्यू एज रिवॉल्यूशन आ सकता है.
नैनो टेक्नोलॉजी और बायोटेक्नोलॉजी पर फोकस
महायोगी गोरखनाथ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो। (डॉ।) सुरिंदर सिंह ने कहा कि कॉन्फ्रेंस में बायोटेक्नोलॉजी, इंडस्ट्रियल माइक्रोबायोलॉजी, इन्वायरनमेंटल बायोटेक्नोलॉजी, नैनो बायोटेक्नोलॉजी और बायोइन्फॉर्मेटिक्स जैसे एडवांस्ड रिसर्च एरियाज पर फोकस रहेगा.
बुक और रिसर्च जर्नल का लॉन्च
कॉन्फ्रेंस के दौरान यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डाक्टर प्रदीप कुमार राव की महाकुंभ पर बेस्ड बुक और प्रो। सुनील कुमार सिंह द्वारा एडिटेड इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस की रिसर्च रेफरेंस बुक का विमोचन किया गया.
रिसर्च और इनोवेशन के लिए एक्सपर्ट्स को ऑनर
SBTI ने BHU के प्रो। सुभाष चंद्र लखोटिया को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड और नॉर्थ ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी, शिलांग के प्रो। रमेश शर्मा को डीएस पाउले ओरेशन अवॉर्ड से सम्मानित किया. अवॉर्ड्स पद्मश्री बलराम भार्गव और प्रो। (डॉ।) धीरेंद्र पाल सिंह ने प्रेजेंट किए.
आयुर्वेद को साइंटिफिकली वेरिफाई करने की जरूरत
कीनोट स्पीकर प्रो। सुभाष चंद्र लखोटिया ने बोला कि आयुर्वेद की एफेक्टिवनेस को साइंटिफिकली वेरिफाई और मॉडर्न टेक्नोलॉजी से इंटीग्रेट करने की आवश्यकता है.
कॉन्फ्रेंस में रिसर्चर्स और एक्सपर्ट्स ने अपने रिसर्च पेपर्स प्रेजेंट किए और बायोटेक्नोलॉजी में फ्यूचर अपॉर्चुनिटीज पर गहन डिस्कशन किया.

