अनुपूरक बजट से यूपी के विकास को मिले 12209 करोड़
उत्तर प्रदेश गवर्नमेंट ने मंगलवार को विधानसभा में साल 2024-25 का पहला अनुपूरक बजट पेश किया. 12209.93 करोड़ रुपये के इस बजट में विकास कार्यों के लिए पूंजीगत मद में 7981.99 करोड़ रुपये और अन्य खर्चों के लिए राजस्व मद में 4227.94 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है. इस छोटे से अनुपूरक से विकास के क्षेत्र में गवर्नमेंट की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने का संकल्प नजर आ रहा है. गांव, किसान, उद्योग, ऊर्जा, परिवहन, पर्यटन जैसे क्षेत्र के विकास कार्यों पर यह बजट केंद्रित है. अयोध्या, मथुरा और वाराणसी धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए और सुविधाएं बढ़ेंगी. मंगलवार को विधानसभा में प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने चालू वित्तीय साल का पहला अनुपूरक बजट पेश किया. उन्होंने बजट आकार की चर्चा करते हुए अनुपूरक बजट में किए गए प्राविधानों के बारे में सदन को अवगत कराया. पेश किया गया अनुपूरक बजट फरवरी में 2024-25 के लिए पेश मूल बजट का 1.66 प्रतिशत है.

औद्योगिक विकास के लिए सबसे अधिक 7500 करोड़ रुपये
अनुपूरक बजट में सबसे अधिक 7500.81 करोड़ औद्योगिक विकास के लिए प्राविधानित किए गए है. इसके बाद 2000 करोड़ ऊर्जा विभाग तथा 1000 करोड़ रुपये परिवहन विभाग को नयी बसें खरीदने के लिए दिए गए हैं.
नगर विकास की अमृत योजना को मिले 600 करोड़ रुपये
नगर विकास विभाग की अमृत योजना की सहायता के लिए 600 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. यूपी कौशल विकास मिशन के अनुसार युवाओं के लिए अल्पकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के मद में 200 करोड़ रुपये दिए गए हैं. इसके साथ ही गवर्नमेंट ने ग्रामीण क्षेत्रों में खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण स्टेडियम एवं ओपन जिम के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
इंटर कालेजों में लैब और आईसीटी लैब बनाने के लिए मिला बजट
शिक्षा के क्षेत्र में माध्यमिक शिक्षा विभाग के 284 राजकीय इंटर कॉलेजों में लैब की स्थापना के लिए 28.40 करोड़ रुपये तथा 1040 राजकीय इंटर कॉलेजों में आईसीटी लैब की स्थापना के लिए 66.82 करोड़ की प्रबंध अनुपूरक बजट में की गई है.
अटल आवासीय विद्यालयों की स्थापना के लिए 53.85 करोड़ रुपये दिए गए हैं. इसमें से आवासीय एवं अनावासीय भवनों के अनुरक्षण के लिए 2.79 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. संस्कृति विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए 74.90 करोड़ रुपये का प्राविधान बजट में किया गया है.
रोजगार मिशन समिति के गठन और योजना संचालन के लिए 49.80 करोड़
प्रदेश में युवाओं को राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर रोजगार के अवसर मौजूद कराने के लिए यूपी रोजगार मिशन समिति के गठन तथा योजना के संचालन के लिए 49.80 करोड़ दिए गए हैं. अनुपूरक मांगों में 319.95 करोड़ रुपये नयी मांगों और अन्य योजनाओं के लिए हैं.
विधानसभा के डाटा सेंटर तथा सीसीटीवी सर्विलांस के लिए भी बजट
विधानसभा सचिवालय के डाटा सेंटर के नवीनीकरण के लिए 3.25 करोड़, विधानसभा मंडप के डिजिटल कम्युनिकेशन सिस्टम और सहवर्ती उपकरणों के विस्तार के लिए 1.98 करोड़ और विधानसभा लाइब्रेरी परिसर में डिजिटल सीसीटीवी सर्विलांस और कैमरा प्रणाली की स्थापना और उपकरणों के विस्तार के लिए 2.45 करोड़ रुपये दिए हैं.
अयोध्या, मथुरा और वाराणसी धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए बढ़ेंगी और सुविधाएं
राज्य गवर्नमेंट धार्मिक स्थलों अयोध्या, मथुरा और वाराणसी में आने वाले श्रद्धालुओं को और बेहतर सुविधाएं देने जा रही है. इसके लिए अनुपूरक बजट में 50 करोड़ रुपये की प्रबंध की गई है. राज्य गवर्नमेंट ने शहरी जरूरतों को पूरा करने के लिए कुल 650 करोड़ रुपये की प्रबंध की है.
अयोध्या, मथुरा और वाराणसी में पिछले कुछ वर्षों में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी बढ़ोत्तरी हुआ है. इसको ध्यान में रखते अनुपूरक बजट में अलग से प्रावधान किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को और बेहतर सुविधाएं मिल सके. इसके साथ ही अटल मिशन रिजुविनेशन एवं ट्रांसफारमेशन (अमृत) योजना के भीतर नगर निगमों के लिए 250 करोड़ और नगर पालिका परिषद 350 करोड़ रुपये की प्रबंध की गई है. इन पैसों से निकायों को अमृत योजना के लिए सहायता दी जाएगी.
राज्य गवर्नमेंट द्वारा नगर निकायों को अमृत योजना में सहायता राशि में सहायोग देने से उनकी माली स्थिति में सुधार होगा. इतना ही नहीं निकायों को आत्मनिर्भर बनने का रास्ता साफ होगा. केंद्रीय योजनाओं में निकायों द्वारा अपने स्तर से अंशदान देने की वजह से उनकी माली हाल लगातार खराब हो रही है. इसीलिए अनुपूरक बजट में इसके लिए पैसे की प्रबंध करके उन्हें राहत देने काम किया गया है.
गंगा एक्सप्रेसवे के लिए 5664 करोड़ रुपये का इंतजाम
योगी गवर्नमेंट गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना को समय से पूरा कराने के लिए भारी भरकम रकम का बंदोबस्त किया है. इसके लिए अनुपूरक बजट में 5664 करोड़ रुपये की प्रबंध की गई है. गवर्नमेंट की योजना है कि गंगा एक्सप्रेसवे को कुंभ मेले से पहले तैयार कर लिया जाए. मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेसवे का काम अब तक अभी 44 फीसदी बाकी है. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने आज विधानसभा में 12 हजार 909 करोड़ का अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया. जिसमें सर्वाधिक 7566 करोड़ रुपये का आवंटन औद्योगिक विकास के लिए किया गया.
कताई मिलों के बकाये के लिए हुआ इंतजाम
उत्तर प्रदेश सहकारी कताई मिल संघ लिमिटेड यूपी स्टेट यार्न कंपनी लिमिटेड, यूपी राज्य वस्त्र निगम लिमिटेड की मिलों के शासकीय देनदारी अतिरिक्त अन्य मदों में बकाया रकम के भुगतान के लिए 193 करोड़ रखे गए हैं.
इसके अतिरिक्त अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012 के कार्यान्वयन के लिए 900 करोड़, नयी औद्योगिक नीति 275 करोड़, गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना में GST के अतिरिक्त फीसदी व्ययभार के दृष्टिगत विकासकर्ताओं को प्रतिपूर्ति के लिए 407 करोड़, औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 2012 के लिए 400 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है.
औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने बोला कि किसी भी राज्य की तरक्की में वहां के औद्योगिक विकास का जरूरी जगह है. जिसमें यूपी ने राष्ट्र के कई राज्यों को पीछे छोड़ कर रिकार्ड बनाया है. जिस यूपी में पहले निवेशक आने से डरते थे, अन्य राज्यों की ओर पलायन कर रहे थे. आज उस यूपी में निवेशक निवेश के लिए आतुर हैं.
ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के जरिये रिकार्ड 33 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव आए हैं. जिसमें से 10 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं. मंत्री नन्दी ने बोला कि सीएम के नेतृत्व में महाकुम्भ के पहले गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. जिसे हर हाल में पूरा किया जाएगा.

