उत्तर प्रदेश
UP DGP Rajeev Krishna: व्यवस्थाओं के लिए धड़ाधड़ बन रहे हैं नियम, डीजीपी ने 21 टॉप IPS अफसरों को दी जिम्मेदारी
UP DGP Rajeev Krishna: यूपी में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए DGP राजीव कृष्ण ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिसिंग के 10 प्रमुख क्षेत्रों में सुधार के लिए 21 आईपीएस ऑफिसरों को जिम्मेदारी सौंपी है। इन ऑफिसरों को एक महीने के भीतर रिपोर्ट तैयार कर DGP को सौंपनी होगी, जिसके आधार पर आगे का रोडमैप तैयार होगा।

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रुचि और विशेषज्ञता के आधार पर मिली जिम्मेदारी
DGP राजीव कृष्ण ने कहा कि सभी ऑफिसरों को उनकी रुचि और विशेषज्ञता के आधार पर जिम्मेदारी दी गई है। इस रिपोर्ट में सिपाही से लेकर एडीजी रैंक तक के ऑफिसरों की भागीदारी होगी। साथ ही पीड़ितों, स्त्री पुलिसवालों और आम नागरिकों के सुझाव भी शामिल किए जाएंगे।
इन क्षेत्रों में दी गई जिम्मेदारी
- महिला सशक्तीकरण एवं सुरक्षा– एडीजी डब्ल्यूसीएसओ पद्मजा चौहान, एडीजी आगरा जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ
- साइबर क्राइम नियंत्रण– एडीजी साइबर अपराध बीके सिंह, पुलिस कमिश्नर नोएडा लक्ष्मी सिंह
- अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस नीति– एडीजी अपराध एसके भगत, एडीजी वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया
- पुलिस कल्याण– आईजी आरके भारद्वाज, पुलिस कमिश्नर आगरा दीपक कुमार
- कानून-व्यवस्था एवं विशेष बल– एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश, एडीजी कानपुर जोन आलोक सिंह
- बेहतर पुलिस सेवाएं– एडीजी तकनीकी सेवाएं नवीन अरोड़ा, एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर
- प्रतिभा एवं विशेषज्ञता का उपयोग– आईजी स्थापना नचिकेता झा, पुलिस कमिश्नर लखनऊ अमरेंद्र सिंह सेंगर
- यातायात प्रबंधन– एडीजी यातायात सत्यनारायण, पुलिस कमिश्नर वाराणसी मोहित अग्रवाल
- तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग– एडीजी नवीन अरोड़ा, पुलिस कमिश्नर कानपुर अखिल कुमार
- प्रशिक्षण क्षेत्र– एडीजी प्रशिक्षण राजीव सब्बरवाल, एडीजी प्रयागराज जोन संजीव गुप्ता
DGP राजीव कृष्ण ने साफ बोला कि पुलिस सुधार का यह अभियान जमीन पर लागू करने लायक और व्यवहारिक होगा, जिसका असर सीधे आम लोगों तक पहुंचे।

