उत्तर प्रदेश

बाल श्रम से मुक्त होने की राह पर सजग है यूपी, श्रम मंत्री ने किया ये दावा

लखनऊ में तरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित बाल श्रम निषेध हफ्ते का समाप्ति कार्यक्रम इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान स्थित मार्स ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ. इस अवसर पर प्रदेश गवर्नमेंट के मंत्री, विभिन्न विभागों के अधिकारी, गैर-सरकारी संगठन, बाल मजदूरों के परिजन तथा लाभ पाने वाले बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए.

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कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश को 2027 तक बाल श्रम से पूर्णतः मुक्त करना और बच्चों के अधिकारों की रक्षा को सुनिश्चित करना था. कार्यक्रम में बाल श्रम निषेध अधिकार का लोगों को शपथ दिलाई गई. बाल श्रम निषेध हफ्ते की आरंभ 12 जून को हुई थी.

गांव से लेकर शहर तक हुए आयोजन

समारोह के मुख्य मेहमान यूपी गवर्नमेंट के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर थे. उन्होंने दैनिक भास्कर से वार्ता में कहा कि बाल श्रम निषेध दिवस को सप्ताहभर के कार्यक्रमों के रूप में विस्तारित किया गया. इन्साफ पंचायत से लेकर विकासखंड, तहसील और जिला स्तर तक विविध जागरूकता कार्यक्रम, सम्मेलन, सेमिनार एवं रैलियां आयोजित की गईं ताकि समाज में बाल श्रम के खिलाफ सकारात्मक वातावरण तैयार किया जा सके.

उन्होंने बोला कि पीएम के संकल्प और सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश गवर्नमेंट 2027 तक यूपी को बाल श्रम मुक्त बनाने हेतु ठोस कोशिश कर रही है. राज्य के 10 प्रमुख जिलों को चिह्नित कर उन्हें बाल श्रम निषेध क्षेत्र घोषित किया गया है. इन जिलों को बाल श्रम से मुक्त किया गया है.

मंत्री ने कहा कि गवर्नमेंट ने अटल आवासीय विद्यालयों की स्थापना तथा ‘नया सवेरा’ योजना की आरंभ की है, जिसके भीतर बाल मजदूरों को शिक्षा और उनके परिवारों को पुनर्वास सहायता प्रदान की जा रही है. यह कार्यक्रम भी इसी समर्पित अभियान का हिस्सा है

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