आगरा में मेट्रो ट्रेन की खुदाई से घरों में आई दरार के बाद मोती कटरा के लोगों के लिए एक और मुसीबत खड़ी हो गई. कई घरों की सबमर्सिबल खराब हो गई है. कुछ से मटमैला पानी आ रहा है. इससे पानी के लिए लोग भटकते रहे. मकानों की दरारें भी बढ़ती जा रही हैं. भय में लोग किराए के मकान या संबंधियों के यहां रहने को विवश हैं.

मोती कटरा क्षेत्र से मेट्रो ट्रेन के भूमिगत स्टेशन के लिए सुरंग बन रही है. इसके चलते मोती कटरा में कई मकानों की छत, दीवार और फर्श में दरारें आ गई हैं. खुदाई के बाद मकानों की दरारें भी बढ़ती जा रही हैं. इससे इनके ढहने का खतरा भी बढ़ गया है. बचाव के लिए जैक और लोहे की बल्लियों का सहारा दिया जा रहा है. बृहस्पतिवार को तो कई घरों की सुबह सबमर्सिबल ही बंद हो गईं, जिनकी चल रही थीं, उनमें से मटमैला पानी आ रहा है. बाजार से बोतलें खरीदकर पानी की प्रबंध कर रहे हैं. कटरा की गौरी वर्मा ने कहा कि दो मंजिला मकान में दरारें लगातार बढ़ रही हैं. मेट्रो के अधिकारी भी इनकी मरम्मत नहीं करा रहे हैं.
खतरा और बढ़ गया है
मोती कटरा के पुनीत जैन ने कहा कि कई घरों के सबमर्सिबल खराब हुए हैं. पड़ोस और मंदिर के सबमर्सिबल के पानी में मिट्टी आ रही है. पानी की परेशानी और बढ़ गई. तीन मंजिला मकान है और दरारें बढ़ने से खतरा और बढ़ गया है.
घर के गिरने की आशंका, रहना किया बंद
मोती कटरा के अर्पित जैन का बोलना है कि मेट्रो की खुदाई से दीवार, फर्श और छत में दरार आ गई हैं. पूरा घर जैक और बल्लियों पर टिका है. घर के गिरने की संभावना पर यहां रहना भी बंद कर दिया है. मैं अपने संबंधियों के यहां रहने को विवश हैं.
किराए पर रहने को मजबूर
मोती कटरा के लक्ष्मी नारायण वर्मा ने कहा कि जैक-बल्लियां लगाकर मेट्रो की टीम मरम्मत तो कर रही है, लेकिन हानि अधिक हुआ है. हादसे के डर से घर के बजाए विजय नगर काॅलोनी में किराए पर रह रहे हैं.
तेजी से करा रहे कार्य, लिखित में पत्र भी ले रहे
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने कहा कि बृहस्पतिवार को पांच विभागों की टीम ने दौरा कर 151 घरों में दरार चिन्हित किए हैं. यहां श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर 150 कर दी है. सबमर्सिबल भी ठीक करा रहे हैं. मरम्मत के बाद मकान मालिक से संतुष्ट होने का लिखित में पत्र भी ले रहे हैं.