बाघ के हमले की जानकारी मिलते ग्रामीणों ने पीलीभीत-माधोटांडा मार्ग किया जाम
पीलीभीत। पीलीभीत में सियार के आतंक के बाद अब बाघ के ग्रामीण पर हमले की समाचार सामने आ रही है। खेत की रखवाली कर रहे ग्रामीण का मृतशरीर खेत से तकरीबन 300 मीटर अंदर जंगल में अधखाई हालत में मिला है। बाघ के हमले की जानकारी मिलते ही मौके पर ग्रामीणों ने पीलीभीत-माधोटांडा मार्ग जाम कर दिया। लगभग 3 घंटों की समझाइश के बाद बाघ को पकड़ने का आश्वासन देने के बाद जाम को खुलवाया जा सका।
जहां एक तरफ प्रदेश गवर्नमेंट सूबे में बढ़ रहे मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर उच्च स्तरीय बैठकें आयोजित कर रही है। तो वहीं दूसरी ओर बहराइच समेत इन दिनों प्रदेश भर के भिन्न-भिन्न ज़िलों में वन्यजीवों के हमलों की घटनाएं बदस्तूर जारी है। बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही सियार के हमले की घटनाओं के अब बाघ ने एक किसान को अपना निवाला बना लिया है।
कहां हुई घटना ?
मृतक के परिजनों के मुताबिक पूरा मुद्दा माधोटांडा थाना क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले ढकिया गांव का है। जहां निकट के गांव बांसखेड़ा निवासी 50 वर्षीय किसान केदारी लाल जंगल से सटे अपने खेत की रखवाली कर रहे थे। इसी दौरान एकाएक जंगल से निकला बाघ उन पर हमलावर हो गया और वे गर्दन में दबाकर जंगल के तक़रीबन 300 मीटर अंदर तक घसीटकर ले गया। धावा इतना भयावह था कि किसान की मौके पर ही मृत्यु हो गई। वहीं किसान के मृतशरीर का कुछ हिस्सा भी बाघ ने खा लिया। घटना के बाद जब आस पास के लोगों ने केदारी लाल की तलाश की तो उन्हें जंगल में अधखाया मृतशरीर मिला।
वन विभाग पर ढिलाई का आरोप
आपको बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब इस क्षेत्र में बाघों की चहलकदमी देखी जा रही हो। माधोटांडा थाना क्षेत्र के भीतर आने वाले मथना जब्ती समेत तमाम क्षेत्र ऐसे हैं जहां आए दिन मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं होती हैं। बीते तकरीबन एक हफ्ते से क्षेत्र में बाघ देखा जा रहा था। ग्रामीणों का इल्जाम है कि पूरे मुद्दे में वन विभाग की ओर से ढिलाई बरती गई। नतीजतन एक किसान बाघ का निवाला बन गया। वन विभाग की इस ढिलाई से ग़ुस्साए ग्रामीणों ने तकरीबन 3 घंटे तक जाम लगाए रखा। वन विभाग की तमाम समझाइश के बाद कहीं जाकर जाम खुल सका।
जंगल के 1500 मीटर अंदर मिली चारपाई
पूरे मुद्दे पर अधिक जानकारी देते हुए पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि माला रेंज से सटे क्षेत्र में वन्यजीव के हमले की जानकारी मिलने पर टीम को भेजकर मुद्दे की जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि विभाग की टीम के इंकार करने के बावजूद भी ग्रामीण बाघ की मौजूदगी वाली वन सीमा के आसपास घूमता नज़र आ रहा था। वहीं जंगल के अंदर आराम के लिए लगाई गई चारपाई भी मिली है। घटना जंगल में तकरीबन 150 मीटर अंदर की है। फिलहाल क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

