क्या मामूली विवाद के बाद हुई थी अंशिका की हत्या…
अंशिका की मृत्यु में परिवारिक दबाव के चलते पुलिस दर्ज मुकदमा में हत्या की धाराएं बढ़ाने पर बाध्य हुई है. तीन आरोपियों को अरैस्ट भी कर लिया गया. बुधवार को अंशिका के मृतशरीर को तीसरे दिन कब्र दफनाया गया. लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, हाथापाई में मृतका के शरीर पर कई जगह पर हल्की चोट के निशान थे. गंभीर चोटे नहीं पाई गई. साथ ही उसके दोनों लेंस में पस मिला है, आसार हार्ट अटैक से मृत्यु की मिली तो लेंस के साथ हार्ट का बिसरा जांच के लिए भेजा गया है.

गोसाईंगंज थानाक्षेत्र के कनरहिया मूंगर में संजय कुमार, विनोद का राकेश-राजेश, मनीष से जमीनी टकराव चला आ रहा है. बीते 6 मार्च और 23 मार्च को दोनो पक्षो का शांतिभंग में चालान भी किया गया. इस बीच 24 मार्च की सुबह विवादित भूखंड पर निर्माण को लेकर संजय और राकेश पक्ष में झगड़ा के बीच दोनों पक्ष एक दूसरे के आमने-सामने हो गए. गाली-गलौज के बीच राकेश पक्ष ने दूसरे पक्ष के ऊपर धावा बोल दिया.
तीन बहनों में दूसरे नंबर पर थी मृतका जिसमें हृदयराम वर्मा की पत्नी सुमित्रा देवी बेटी अंशिका वर्मा (19) और कई एक घायल हुए. गंभीर रूप से घायल अंशिका को मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर ले जाया गया. जहां शाम को उसकी मृत्यु हो गई. हृदयराम वर्मा और सुमित्रा वर्मा की तीन पुत्रियां थी. गौरी वर्मा शादीशुदा है. दूसरे नंबर पर अंशिका थी. तीसरे नंबर पर लक्ष्मी है.
अस्पताल और पुलिस ऑफिस पर काटा था हंगामा परिजनों ने पहले राजकीय मेडिकल कॉलेज में घंटो हंगामा काटा फिर एसपी ऑफिस का घेराव कर दिया. यहां रात 11 बजे तक परिजन उपस्थित रहे जब पुलिस ऑफिसरों ने कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया तब परिजन यहां से हटे. मंगलवार को मृतशरीर पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो मर्डर की धारा बढाने, मुआवजे आदि मांग को लेकर परिजनों ने आखिरी संस्कार से इनकार कर दिया. बुधवार दोपहर बाद कई नेताओं के हस्तक्षेप के बाद मृतशरीर दफनाया गया.
भूमधरी नहीं जनसंख्या की जमीन पर हो रहा था निर्माण संजय और राकेश में जमीन का टकराव है. एसडीएम के आदेश के बाद राकेश पक्ष ने सोमवार को निर्माण प्रारम्भ कराया था जिसे संजय और उसे जुड़े लोग रुकवाना चाह रहे थे. हालांकि यदि तहसील सूत्रों की माने तो राकेश पक्ष जनसंख्या की जमीन पर निर्माण करा रहा था न की भूमधरी पर. यही नहीं जिस भूखंड को लेकर टकराव उत्पन्न हुआ है और संजय पक्ष निर्माण नहीं करने दे रहा उसका वाद दीवानी कोर्ट से संजय पक्ष हार चुका है.

