धान की बुवाई का क्या है सही समय…
कन्नौज: कन्नौज में धान की फसल करने वाले किसानों के लिए बहुत जरूरी और महत्वपूर्ण सूचना कृषि विभाग से आई है। कृषि विभाग के वैज्ञानिकों ने कहा है कि इस समय किसानों को धान की फसल थोड़ी देर से करनी चाहिए। भले ही फसल बोने का समय चल रहा है, लेकिन इस समय यदि धान की फसल बोई तो उसमें हानि उठाना पड़ सकता है। दिन में यदि पानी लगा दिया तो पानी इतना गर्म हो जाता है कि धान की फसल पर बड़ा असर पड़ सकता है।

धान की फसल लगाने का ठीक तरीका
कन्नौज में पारंपरिक खेती आलू और उसके बाद मक्का बड़े पैमाने पर होती है। तीसरे नंबर पर किसान यहां पर धान की खेती करता है। कन्नौज में करीब 50,000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में किसान धान की बुवाई करते हैं। मानक के मुताबिक जिले में करीब 10 जून से धान की नर्सरी की बुवाई प्रारम्भ हो जाती है। तेज धूप होने की वजह से अभी तक कोई भी किसान नर्सरी में धान की बुवाई नहीं कर पाया है। धान की नर्सरी की बुवाई के लिए वर्तमान समय में तापमान बहुत अधिक है। वहीं, बारिश न होने के कारण और तेज धूप के कारण नर्सरी की बुवाई में परेशानी है।
फसल लगाते समय न करें ये गलती
इस समय तापमान 45 से 46 डिग्री तक पहुंच रहा है। ऐसे में धान की फसल करने वाले किसानों को बहुत सावधानियां बरतने की आवश्यकता है। भले ही थोड़ी सी देर हो जाए लेकिन फसल को बहुत ही सावधानी से बोएं। इस समय खेत की नमी के लिए खेत में शाम के समय पानी लगाएं। दिन के समय यदि पानी लगते हैं तो पानी गर्म हो जाएगा। इस वजह से फसल खराब होने का खतरा बहुत बड़ा हो जाएगा। ऐसे में किसानों को ध्यान रखना है कि वह शाम के समय पानी लगाएं और सुबह शाम तक पानी से खेत में नमी बनाए रखें।
क्या है बुवाई का ठीक समय
धान के किसानों को बुवाई करते समय एक बात सबसे अधिक ध्यान रखना है। धान की बुवाई के लिए तापमान न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक होना चाहिए। इससे यदि ऊपर तापमान जाता है तो किसानों को धान की बुवाई नहीं करनी चाहिए। कृषि वैज्ञानिक अमर सिंह ने टेलीफोन पर जानकारी देते हुए कहा कि यदि तेज धूप के दौरान नर्सरी की बुवाई की जाए तो धान खराब हो जाता है। अंकुरण प्रभावित होता है। देर से धान की रोपाई वह उत्पादन प्रभावित होने की संभावना रहेगी। ऐसे में किसानों को बहुत ही सावधानियां बरतनी है। बुवाई करते समय शाम का समय चुने और पानी ऐसा भरें की सुबह के समय तक पानी पूरा खेतों में सुख जाए। धान की फसल के लिए न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए।

