किसकी है ये नापाक कोशिश! लखनऊ में फिर से रची गई ट्रेन पलटाने की साजिश…
मंगलवार रात को तरेटिया स्टेशन के पास किसी ने रेलवे ट्रैक पर लोहे का गेट लगा दिया. देर रात एक मालगाड़ी इस फाटक से गुजरी, लेकिन बाल-बाल पलटने से बच गई. शक है कि इस घटना के पीछे ट्रेन पलटाने की षड्यंत्र थी. इस मुद्दे में सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस स्टेशन में अज्ञात लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है. सुरक्षा एजेंसियां साजिशकर्ताओं को ढूंढने की प्रयास कर रही हैं. एक हफ्ते में ट्रेन को पटरी से उतारने की षड्यंत्र की यह दूसरी घटना है. सीसीटीवी कैमरे में एक संदिग्ध आदमी नजर आया है और पुलिस जांच कर रही है.

इंस्पेक्टर अंजनी कुमार मिश्रा के मुताबिक यह मुद्दा रेलवे कर्मचारी अनिल कुमार पांडेय ने दर्ज कराया है. अनिल का बोलना है कि बुधवार सुबह करीब 3:45 बजे उन्हें टेलीफोन पर सूचना मिली कि रेलवे ट्रैक पर लोहे का गेट लगाया जा रहा है. देर रात 2:45 बजे एक मालगाड़ी इस लोहे के गेट से गुजरी. सौभाग्यवश, कोई हादसा नहीं हुई.
सूचना मिलते ही अनिल अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया. मौके पर लोहे के दरवाजे के क्षतिग्रस्त हिस्से पाए गए. एहतियात के तौर पर इस मार्ग पर रेल यातायात रोक दिया गया. रेलवे कर्मचारियों ने पटरियों के आसपास से लोहे के गेट और उनके टुकड़े हटा दिए. इसके बाद रेल परिचालन प्रारम्भ हो सकेगा.
इससे पहले 15 अप्रैल की देर रात रहीमाबाद में भी रेलवे ट्रैक पर लकड़ी के लट्ठे रख दिए गए थे. वहां भी ट्रेन पलटने की षड्यंत्र रची गई थी. इस संबंध में पुलिस और रेलवे ऑफिसरों ने मौके का निरीक्षण किया तथा आसपास के लोगों से पूछताछ भी की. हालांकि, अभी तक इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है कि रेलवे ट्रैक पर लकड़ी के लट्ठे किसने रखे थे.
संदिग्ध आदमी को लोहे का दरवाजा ले जाते देखा गया.
पुलिस ने जब आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो एक पुरुष लोहे का दरवाजा ले जाता हुआ दिखाई दिया. पुरुष ने पास के एक प्लॉट की चारदीवारी से लोहे का गेट हटा दिया था. इसके बाद वह रेलवे ट्रैक की ओर चला गया. सूत्रों का बोलना है कि पुरुष ने ट्रैक पर लोहे का गेट लगा रखा था. पुलिस पुरुष की जांच कर रही है. सर्विलांस की सहायता से साजिशकर्ता के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. पुरुष के पकड़े जाने के बाद ही पूरा मुद्दा साफ हो सकेगा. मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ की टीम भी एक्टिव हो गई है.

