सहारनपुर में कुछ सालों से वुड कार्विंग उद्योग पर लगातार बढ़ रहा संकट
सहारनपुर: पूरे विश्व में अपनी लकड़ी पर बारीक नक्काशी के लिए प्रसिद्ध सहारनपुर का वुड कार्विंग उद्योग (Saharanpur Wood Carving Industry) एक बार फिर बड़े संकट में आ गया है. पहले रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिका के टैरिफ वार से झटका लगा और अब ईरान-इजरायल विवाद से हालात और बिगड़ते जा रहे हैं. उद्यमियों की मानें तो इस नए युद्ध के कारण जिले से होने वाला करीब 250 करोड़ रुपये का निर्यात पूरी तरह रुक गया है.

दरअसल, सहारनपुर से तैयार माल का करीब 15 प्रतिशत हिस्सा ईरान समेत अन्य गल्फ राष्ट्रों में जाता है. लेकिन वर्तमान परिस्थिति के चलते ये पूरा कारोबार ठप पड़ गया है. इतना ही नहीं, अमेरिका के टैरिफ बढ़ने की वजह से पहले ही करीब 500 करोड़ रुपये के ऑर्डर होल्ड पर हैं. वहीं अब ईरान-इजरायल युद्ध ने जो नए ऑर्डर आने थे, वो भी रोक दिए गए हैं.
दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं सहारनपुर का वुडन कार्विंग
सहारनपुर का वुड कार्विंग उद्योग हिंदुस्तान ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में अपनी बारीक नक्काशी और लकड़ी पर हाथ के हुनर के लिए जाना जाता है. यहां कारीगर लकड़ी पर सुंदर डिजाइन बनाकर तरह-तरह के फर्नीचर और सजावटी सामान तैयार करते हैं. लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इस उद्योग पर लगातार संकट बढ़ता जा रहा है.
रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भी यहां के व्यापार को करोड़ों का हानि हुआ था. उसके बाद अमेरिका के टैरिफ बढ़ने से भी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सहारनपुर के सामान की डिमांड में भारी गिरावट आई. अब ईरान-इजरायल युद्ध ने हालात और खराब कर दिए हैं. उद्यमियों के मुताबिक, जो वुड कार्विंग कारोबार कभी 2000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था, वह अब घटकर 200 करोड़ रुपये पर आ गया है.
कारीगर छोड़ रहे काम, कारोबार बंद होने की कगार पर
लोकल 18 से बात करते हुए वुड कार्विंग निर्यातक शिबानी हनफी ने बताया, “पहले से ही काम बहुत कम हो गया था और अब इजरायल-ईरान युद्ध के बाद जो थोड़े बहुत ऑर्डर आ रहे थे, वो भी बंद हो गए हैं. रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण पहले ही कारोबार में करीब 50 फीसदी की गिरावट आ चुकी थी और अब हालात और खराब हो गए हैं.”
उन्होंने चिंता जताते हुए बोला कि यदि ये हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले समय में सहारनपुर का प्रसिद्ध वुड कार्विंग उद्योग पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा. कारीगर भी अब विवशता में ये काम छोड़कर अन्य धंधों की तरफ जा रहे हैं.
विदेशों में सबसे अधिक डिमांड
गौरतलब है कि सहारनपुर के नक्काशीदार फर्नीचर और सजावटी सामान की सबसे अधिक डिमांड विदेशों में होती है. विदेशों में सहारनपुर का वुड कार्विंग बड़ा नाम बना चुका है. लेकिन लगातार अंतर्राष्ट्रीय तनाव और ट्रेड पॉलिसी में परिवर्तन का सीधा असर इस कारोबार पर पड़ रहा है.

