उत्तर प्रदेश

ADJ द्वितीय कोर्ट में जफर अली की जमानत याचिका पर होगी सुनवाई

संभल अत्याचार के मुद्दे में जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली को पुलिस ने 23 मार्च को अरैस्ट कर न्यायालय में पेश किया था, जहां से उन्हें कारावास भेज दिया गया. 24 मार्च को जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अर्जी खारिज कर दी.

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अब गुरुवार को चंदौसी कोतवाली क्षेत्र स्थित जिला कोर्ट परिसर में ADJ द्वितीय न्यायालय में जफर अली की जमानत याचिका पर सुनवाई होगी. पिछली सुनवाई में न्यायाधीश राय नारायण राय ने जिला शासकीय अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद 27 मार्च तक मुकदमा डायरी दाखिल करने का आदेश दिया था.

गिरफ्तारी के बाद मुरादाबाद कारावास में बंद गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जफर अली को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें मुरादाबाद कारावास भेज दिया गया. वह 23 मार्च से कारावास में बंद हैं. दूसरी ओर, अधिवक्ताओं ने उनकी गिरफ्तारी के विरोध में कलमबंद स्ट्राइक प्रारम्भ की, जो अब चौथे दिन में पहुंच चुकी है. आज होने वाली ADJ द्वितीय न्यायालय की सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं. पुलिस ने न्यायालय के आदेश के अनुसार 27 मार्च तक मुकदमा डायरी पेश करने की तैयारी प्रारम्भ कर दी है. वहीं, अधिवक्ताओं का विरोध भी जारी है.

हिंसा के 4 महीने के बाद जफर गिरफ्तार संभल अत्याचार के 4 महीने बाद जामा मस्जिद के सदर जफर अली को पुलिस ने अरैस्ट कर लिया. रविवार रात साढ़े 9 बजे मुरादाबाद कारावास भेज दिया गया. जीप से उतरते ही जफर ने कहा- अत्याचार के बाद मैंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इसलिए मुझे कारावास भेजा गया. जफर अली ने चिल्लाकर कहा- मुझे फंसाया गया, क्योंकि मैंने पुलिस वालों की पोल खोल दी थी. मैंने बता दिया था कि बच्चों को इन्होंने मारा है. अत्याचार में जितने भी लोग मारे हैं, उन्हें पुलिस और प्रशासन ने मारा है.

बड़े भाई ने बोला था- जफर को कारावास में जान का खतरा जफर के बड़े भाई ताहिर अली ने मंगलवार को बोला था कि कारावास में उनकी जान को खतरा है. उन्होंने कहा- प्रशासन का योगदान करने का जफर अली को पुरस्कार मिला है. मंगलवार को सिविल न्यायालय में अधिवक्ताओं ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया. जफर अली के बड़े भाई ताहिर अली ने बताया- जफर अली मेरे छोटे भाई हैं. उनसे कारावास में मुलाकात भी नहीं करने दी जा रही है.

24 नवंबर को सर्वे के दौरान भड़की थी हिंसा संभल की शाही जामा मस्जिद के दूसरे चरण का सर्वे 24 नवंबर को भीड़ ने पुलिस पर पथराव और फायरिंग कर दी, जिससे चार लोगों की मृत्यु हो गई. अब तक तीन स्त्रियों सहित कुल 79 विद्रोहियों को अरैस्ट कर कारावास भेज दिया. सदर जफर अली को भी पुलिस ने 23 मार्च को हिरासत में लिया था, जिनकी जमानत याचिका न्यायालय ने खारिज कर दी है.

 

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