लखनऊ में इन 15 घाटों पर बनाई जाएगी जीरो वेस्ट व्यवस्था
राजधानी लखनऊ में इस बार 15 स्थानों पर छठ पूजा होगी. इन प्रमुख स्थलों पर पूजा के लिए विशेष व्यवस्था रहेंगे. एक तरफ जहां घाटों पर जल पुलिस तैनात होगी वहीं दूसरी तरफ गोताखोर भी उपस्थित रहेंगे. कूड़े कचरे की परेशानी से किसी का सामना नहीं होगा. इसके लिए इन 15 घाटों पर जीरो वेस्ट प्रबंध बनाई जाएगी.
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घाटों पर आने वाले सभी बच्चों के गले में आईडी कार्ड होगा. डीएम सूर्यपाल गंगवार ने 15 प्रमुख घाटों पर छठ पूजा की स्वीकृति दी है. इसी के साथ इन प्रमुख घाटों पर इस बार विशेष प्रबंध भी की जा रही है. डीएम ने सोमवार को सभी विभागों के उत्तरदायी अफसरों के साथ बैठक कर इन सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर तुरन्त काम प्रारम्भ करने का निर्देश दिया है.
जिलाधिकारी ने कहा कि लखनऊ में छठ पूजा के लिए 15 मुख्य स्थल चिन्हित किए गए हैं. इनकी स्वीकृति दे दी गयी है. इनमें लक्ष्मण मेला मैदान, झूलेलाल पार्क, खाटू श्याम मन्दिर, हनुमान सेतु, कुडियाघाट, पिकनिक स्पाट सिंचाई बन्धा के पास कुकरैल, शहीद पथ घाट स्टेडियम के पास, पक्का पुल टीले वाली मस्जिद, रस्तोगीघाट चौक, सैनिक सोसायटी ग्राउण्ड सरोजनीनगर, शिव मन्दिर निकट कूड़े वाली मस्जिद राजाजी पुरम, सी-ब्लॉक निकट मीना बेकरी दीनदयाल के टंकी के पास, भोलाखेड़ा पुलिस चौकी आलमबाग, मवैया निकट रेलवे क्रासिंग, चिनहट निकट बीबीडी कालेज एवं भोलाखेड़ा, खरगापुर स्थलों पर छठ पूजा होगी. भोजपुरी समाज के प्रभुनाथ रॉय ने भी इन घाटों की सूचना दी है. इस साल 07 नवंबर 2024 को छट पूजा मनायी जाएगी.
बच्चों के खोने की वजह से अब उनके गले में लगाना होगा आईडी कार्ड
डीएम सूर्यपाल गंगवार ने कहा कि छठ पूजा के दिन बड़ी संख्या में लोग घाटों पर आते हैं. बच्चे भी शामिल होते हैं. बच्चों के खोने का भय बना रहता है. इसके लिए पूजा स्थल पर आने वाले बच्चों के गले और जेब में आईडी बनाकर रखना महत्वपूर्ण होगा. जिसमें उनका नाम, पिता का नाम, मोबाइल नम्बर और पता अंकित होना जरुरी होगा. ताकि गुम होने वाले बच्चों को सकुशल मिलाया जाए. स्त्रियों को भी अपने बैग, अन्य सामान, झोला आदि में अपने नाम और मोबाईल नम्बर की पर्ची रखना होगा. ताकि समान खो जाने पर मिले तो उन्हें सरलता से वापस पहुंचाया जा सके.
सीसीटीवी कैमरा, एड्रेस सिस्टम भी लगेंगे
इस बार और मजबूत प्रबंध की जा रही है. नगर निगम को पूजा स्थलों पर साफ-सफाई, फागिंग, सीसीटीवी कैमरा, मोबाइल टायलेट, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, प्रकाश व्यवस्था, शुद्ध पेयजल हेतु टैंकरों की प्रबंध करनी होगी. नदी की जलकुम्भी, बैरीकेटिंग की प्रबंध भी करानी होगी. घाटों पर ज़ीरो वेस्ट प्रबंध रहेगी. प्रत्येक घाटों पर लगभग 20-40 कार्मिकों की ड्यूटी लगाई जाएगी. घाटों पर गीले कूड़े के लिए कम्पोस्ट पिट, सूखे कूड़े के लिए एमआरएफ और पूजा सामग्री पुष्प आदि के लिए अर्पण कलश की प्रबंध की जाएगी.
सोलर लाइट लगवाने का भी निर्देश
डीएम ने नगर निगम को घाटों पर अस्थाई सोलर लाइट लगवाने का भी निर्देश दिया है. नदी की गहरायी के बारे में जानकारी के लिए इसके किनारे डिस्प्ले लगाने का भी डीएम ने निर्देश दिया है. एलडीए को गोमती रिवर फ्रण्ट के किनारे पूजा स्थलों, घाटों पर साफ-सफाई, घाटों की मरम्मत, प्रकाश प्रबंध तथा जहां-जहां पर रेलिंग टूटी है उसे ठीक कराने के भी निर्देश दिये है. डीएम ने पर्याप्त मात्रा में नावों और गोताखोरों की प्रबंध करने को बोला है ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटा जा सके. गोताखोरों की अलग से बैठक और जल पुलिस के साथ प्रोफेशनल ट्रेनिंग कराने को बोला है. डाक्टरों की टीम और दवाईयां भी रहेंगी.

