आखिर क्यों कांस्य पदक जीतने से पहले ही PR Sreejesh ने वापस लिए अपने कदम…
भारतीय गोलकीपर PR Sreejesh ने गुरुवार 8 अगस्त को हॉकी में अपने आखिरी मैच के लिए तैयार होने के दौरान एक भावुक विदाई नोट लिखा है। श्रीजेश पेरिस में हिंदुस्तान बनाम स्पेन कांस्य पदक मैच के दौरान खेल में अंतिम बार मैदान पर उतरेंगे। 36 वर्षीय श्रीजेश ने अभियान से पहले घोषणा की कि वह पेरिस में होने वाले कार्यक्रम के बाद खेल को अलविदा कह देंगे।

श्रीजेश अब तक टूर्नामेंट के दौरान शीर्ष फॉर्म में हैं, उन्होंने हिंदुस्तान को सेमीफाइनल तक पहुंचने में सहायता की और इस दौरान कुछ बहुत बढ़िया बचाव भी किए। हिंदुस्तान को सेमीफाइनल में जर्मनी से हार का सामना करना पड़ा और अब वह लगातार दूसरे ओलंपिक में कांस्य पदक के लिए फिर से प्रतिस्पर्धा करेगा। श्रीजेश ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर एक भावनात्मक संदेश लिखा और बोला कि हिंदुस्तान के लिए खेलना उनके लिए एक असाधारण अनुभव रहा है।
श्रीजेश ने बोला कि हर सेव, डाइव और दर्शकों की आवाज हमेशा उनके साथ रहेगी। उन्होंने प्रशंसकों का उन पर भरोसा करने और उनके साथ खड़े रहने के लिए शुक्रिया अदा किया। श्रीजेश ने संदेश के अंत में स्वयं को सपनों का संरक्षक बताया।
‘जब मैं अंतिम बार पोस्ट के बीच खड़ा हूं, तो मेरा दिल ग्रेटिटयूड और गर्व से भर गया है। एक युवा लड़के से लेकर हिंदुस्तान के सम्मान की रक्षा करने वाले आदमी तक का यह यात्रा असाधारण से कम नहीं है।’ ‘आज, मैं हिंदुस्तान के लिए अपना अंतिम मैच खेलूंगा। हर बचाव, हर डाइव, भीड़ की हर दहाड़ हमेशा मेरी आत्मा में गूंजती रहेगी। मुझ पर विश्वास करने के लिए, मेरे साथ खड़े रहने के लिए, हिंदुस्तान का शुक्रिया। यह अंत नहीं है, बल्कि यादगार यादों की आरंभ है।’ पीआर श्रीजेश ने कहा, ‘हमेशा सपनों का संरक्षक। जय हिंद।’

