बजरंग पुनिया: विषम परिस्थितियों में लड़कर विनेश फोगाट ने किया अच्छा प्रदर्शन
भारतीय पहलवान विनेश फोगाट मंगलवार को पेरिस ओलंपिक के प्री-क्वार्टर और क्वार्टर फाइनल मुकाबले जीतकर स्त्रियों के फ्रीस्टाइल 50 किग्रा के सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं. विनेश अब अपने ऐतिहासिक मेडल से मात्र एक कदम दूर हैं. टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता पहलवान बजरंग पुनिया ने भी विनेश फोगाट को शुभकामना देते हुए बोला कि विनेश फोगाट को बहुत-बहुत बधाई. सबसे पहले उन लोगों को बधाई, जो विनेश फोगाट की हार की प्रतीक्षा कर रहे थे. कठिन समय में लड़कर विनेश ने अच्छा किया.

बजरंग पूनिया ने बृजभूषण शरण सिंह पर तंज कसते हुए बोला कि यदि वो इतना भला आदमी होता, तो उसके विरुद्ध इतने मुकदमा नहीं होते. जो जैसा बोएगा वैसा काटेगा. उसने राष्ट्र की बेटियों के साथ दुर्व्यवहार किया, तो उसकी सजा उसे मिलनी चाहिए. गवर्नमेंट आरंभ से ही उसके साथ खड़ी रही. उसकी स्थान यदि विपक्ष का कोई नेता होता, तो भाजपा हमारे साथ खड़ी रहती. उस पर पता नही कौन कौन सी धाराएं लग जाती. वो सत्ता पक्ष से है, इसलिए बीजेपी बचा रही है.उन्होंने बोला कि विनेश फोगाट किस मानसिक तनाव से गुजर रही हैंं, ये सबको पता है. इस मानसिक तनाव से गुजर कर पेरिस ओलंपिक खेलना ही बड़ी बात है. उस मंच तक जाना ही हमारे लिए मेडल है. विनेश फोगाट ने जो प्रदर्शन किया, वो लाजवाब है.
विनेश ने प्री क्वार्टर फाइनल मैच में जापान की ओलम्पिक चैंपियन पहलवान युई सुसाकी के विरुद्ध बड़ा उलटफेर करते हुए 3-2 से रोमांचक अंदाज में मात दी. इसके बाद उन्होंने यूक्रेन की ओकसाना लिवाच के विरुद्ध क्वार्टर फाइनल मुकाबला 7-5 से जीता और सेमीफाइनल में स्थान बनाई.
प्री क्वार्टर फाइनल मैच में फोगाट पहले राउंड में 0-1 से पीछे चल रही थींं, लेकिन आखिरी 30 सेकंड में 2 पॉइंट के साथ स्थिति को अपने पक्ष में कर लिया. भारतीय खिलाड़ी अधिकतर मैच में रक्षात्मक थी, लेकिन बाद के चरण में उसने चैंप-डी-मार्स एरेना में जीत हासिल करने के लिए स्वयं को पूरी तरह से झोंक दिया.सुसाकी के विरुद्ध ये मुकाबला आसान नहीं था. ये जापान की कद्दावर खिलाड़ी मौजूदा विश्व चैंपियन और टोक्यो ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता हैं. वह स्त्रियों की 50 किग्रा फ्रीस्टाइल में सबसे मजबूत दावेदार रही हैं और उन्होंने एक भी अंक गंवाए बिना टोक्यो में स्वर्ण पदक जीता था. उल्लेखनीय है कि 2010 के बाद से सुसाकी सिर्फ़ पांच मुकाबला हारी हैं.इसके बाद विनेश का मुकाबला क्वार्टर फाइनल में यूक्रेन की ओक्साना लिवाच से हुआ. उन्होंने आरंभ में ही अपने दांव से 2-0 की बढ़त ले ली. 3 मिनट का पहला राउंड पूरा होने के बाद विनेश ने 4-0 की बढ़त हासिल की. इसके बाद यूक्रेन की खिलाड़ी ने वापसी की, लेकिन विनेश ने लगातार दबाव बनाए रखा और मुकाबला 7-5 से जीतकर दमदार अंदाज में सेमीफाइनल में स्थान बनाई.ये विनेश का तीसरा ओलंपिक हैं. 2016 के रियो ओलंपिक में वह चोट के कारण हल्की अंतर से कांस्य पदक जीतने से चूक गईं. टोक्यो ओलंपिक में, वह 53 किग्रा क्वार्टर फाइनल में वेनेसा कलादज़िंस्काया से हार गईं

