हरियाणा का छोरा पेरिस ओलिंपिक में बना मेन डिफेंडर
हिसार के गांव डाबड़ा में हॉकी मैच देखते ग्रामीण और कोच राजेंद्र सिहाग.
पेरिस ओलिंपिक में रविवार को ब्रिटेन के साथ हुए हिंदुस्तान के हॉकी मुकाबले में हरियाणा के छोरे संजय ने दमदार खेल दिखाया. मैच के दौरान अमित रोहित दास को रेड कार्ड दिखाकर बाहर कर दिए जाने के बाद संजय ने मेन डिफेंडर की किरदार निभाई.

उन्होंने अमित की जिम्मेदारी भी अपने कंधों पर उठाते हुए पूरे मैच में विपक्षी टीम के 19 पास रोके. साथ ही गोल के 2 प्रयासों को विफल कर दिया. हिसार के गांव डाबड़ा के संजय ऐसी स्थान से हैं जहां हॉकी के लिए कोई सुविधा नहीं है.
संजय के कोच राजेंद्र सिहाग ने गांव में लड़कों को हॉकी सिखाने के लिए पंचायती जमीन पर स्वयं के पैसों से ग्राउंड तैयार किया और बिना सरकारी सहायता के ओलिंपियन तैयार कर दिया. संजय की उपलब्धि पर पूरे गांव को गर्व है. संजय की इस सहायता के साथ हिंदुस्तान ने ब्रिटेन को शूट आउट में मात दी.
भारतीय टीम के जीतने पर उत्सव मनाते गांव के लोग.
गांव में चाचा के घर देखा लाइव मैच
गांव डाबड़ा में ग्रामीणों और परिवार के लोगों ने संजय के चाचा के घर एकत्रित होकर एक साथ LED पर मैच देखा. बच्चे, बुजुर्ग और युवा सभी पूरे मैच को एकटक देखते रहे. सभी ने भारतीय टीम के गोल करने पर खूब तालियां बजाईं और हूटिंग की.
संजय ने मैच में तीसरे और चौथे क्वार्टर में ब्रिटेन को कोई गोल नहीं करने दिया. ब्रिटेन ने आरंभ से ही भारतीय टीम के गोल पोस्ट पर आक्रमण किए. इन सभी आक्रमण को भारतीय टीम ने विफल कर दिया. संजय ने मैच में प्रमुख किरदार निभाते हुए गोल के निकट एक पास रोका, जो गोल में परिवर्तित होने वाला था.
कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल लाने पर उत्सव मनाते कोच और संजय.
माता-पिता ने कहा- सेमीफाइनल से पहले पूजा करेंगे
भारत की जीत पर संजय के पिता नेकीराम और माता कौशल्या देवी और परिवार के अन्य लोगों ने खुशी मनाई. सभी ने कामना की है कि हिंदुस्तान सेमीफाइनल में तो पहुंच गया है, बस फाइनल और जीत जाए. बोला कि वे सेमीफाइनल मैच से पहले पूजा करेंगे, ताकि भारतीय टीम जीत सके.
कोच राजेंद्र ने कहा कि संजय और अन्य खिलाड़ियों की बदौलत टीम ने गोल रोके तो मैच के पहले क्वार्टर में स्कोर 0-0 से बराबर रहा. दूसरे क्वार्टर में हिंदुस्तान के खिलाड़ी अमित को विपक्षी खिलाड़ी के चेहरे पर हॉकी लगने पर रेड कार्ड दिया गया. इसकी वजह से टीम को 10 ही खिलाड़ियों से खेलना पड़ा.
एक खिलाड़ी को रेड कार्ड मिलते ही भारतीय टीम से 13वें मिनट में हरमनप्रीत ने पेनल्टी कॉर्नर से ब्रिटेन के विरुद्ध गोल किया. यह पेनल्टी कॉर्नर अभिषेक ने बनाया था. यह मैच का टर्निंग प्वाइंट भी रहा.
संजय ने 2012 में हॉकी खेलना प्रारम्भ की थी.
प्रैक्टिस के लिए चक्कर में खाना भूल जाता था
संजय के कोच राजेंद्र सिहाग ने कहा कि संजय इतनी मेहनत करता था कि वह रात को खाना भी नहीं खा पाता था. वह प्रतिदिन 4 घंटे प्रैक्टिस करता था. घर में खूब दूध-दही खाता था. संजय के माता-पिता उसके खाने-पीने का ध्यान रखते थे और मैं उसके खेल पर ध्यान देता था.
संजय ने 2012 में खेलना प्रारम्भ किया. जब प्रारम्भ में संजय आया तो वह दुबला पतला था, इसलिए मैंने उसे हॉकी खेलने का चांस दिया. 15 दिनों में उसका खेल निखर कर सामने आने लगा. मैं समझ गया था कि यह लड़का आगे चलकर नाम रोशन करेगा.

