हॉकी : हम फाइनल में जर्मनी से खेलना चाहते थे – हरमनप्रीत सिंह
पेरिस, पेरिस ओलंपिक खेलों के क्वार्टर फाइनल में ब्रिटेन के विरुद्ध रोमांचक मुकाबले में बहुत बढ़िया जीत के बाद हरमनप्रीत सिंह की प्रतिनिधित्व वाली भारतीय हॉकी टीम मंगलवार को जब जर्मनी के विरुद्ध सेमीफाइनल में उतरेगी तो इस बार लक्ष्य मेडल का रंग बदलने का होगा.

भारत के लिए हरमनप्रीत ने मैच के 22वें मिनट में गोल किया, जबकि ली मोर्टन ने 27वे मिनट में ब्रिटेन के लिए गोल किया.
निर्धारित 60 मिनट तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर रहीं. इसके बाद शूटआउट के जरिये विजेता का निर्णय हुआ जहां हिंदुस्तान ने 4-2 से मुकाबला अपने नाम किया. पीआर श्रीजेश एक बार फिर अपनी स्मार्ट गोलकीपिंग से टीम की जीत के हीरो रहे. अब सेमीफाइनल में हिंदुस्तान का सामना विश्व नंबर-2 टीम जर्मनी से होगा.
सेमीफाइनल से पहले कप्तान हरमनप्रीत ने बोला कि टीम एक चुनौतीपूर्ण प्रतिद्वंद्वी जर्मनी के विरुद्ध फाइनल खेलना चाहती थी.
हरमनप्रीत ने कहा, हम फाइनल में जर्मनी से खेलना चाहते थे. कम से कम ओलंपिक खेलों से पहले टीम मीटिंग के दौरान हमने आपस में यही चर्चा की थी. वे एक चुनौतीपूर्ण प्रतिद्वंद्वी हैं और जब हम उनके विरुद्ध खेलते हैं तो मैच आमतौर पर अंतिम सेकंड तक खिंचता है.
सेमीफाइनल मुकाबले से पहले भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा है क्योंकि उनके डिफेंडर और नंबर एक पेनल्टी कॉर्नर रशर अमित रोहिदास इस मैच में नहीं खेल सकेंगे क्योंकि उन पर एक मैच का बैन लगा है.
हरमनप्रीत ने आगे कहा, अब ये चीजें हमारे नियंत्रण में नहीं हैं. हालांकि सेमीफाइनल के लिए अमित का मैदान पर न होना एक बड़ा झटका है, लेकिन हम अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.
रविवार को हमारे प्रदर्शन में जो बात सबसे अलग रही, वह थी अमित की तरह अहम जगह पर अतिरिक्त जिम्मेदारी लेने की टीम की क्षमता. हर खिलाड़ी ने आगे बढ़कर जिम्मेदारी उठाई और अंतिम मिनट तक हम लड़ते रहे.
मौजूदा विश्व चैंपियन जर्मनी क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना के विरुद्ध 3-2 से जीत के बाद सेमीफाइनल में पहुंची है. वे हिंदुस्तान के लिए एक परिचित प्रतिद्वंद्वी हैं. सबसे प्रसिद्ध मुकाबला टोक्यो ओलंपिक खेलों में कांस्य पदक मैच था, जहां हिंदुस्तान ने 5-4 से रोमांचक जीत दर्ज की और ओलंपिक खेलों में 41 वर्ष का पदक सूखा समाप्त हुआ.
पेरिस ओलंपिक खेलों से पहले हिंदुस्तान ने अभ्यास मैचों में जर्मनी के साथ खेला था और हाल ही में हिंदुस्तान ने उनके विरुद्ध खेले गए छह मैचों में से पांच में जीत हासिल की है.
भारतीय फैंस को यही आशा है कि टीम ओलंपिक खेलों के फाइनल में स्थान बनाकर एक और बहुत बढ़िया उपलब्धि हासिल करे. भारतीय हॉकी टीम 1980 के बाद से ओलंपिक हॉकी के फाइनल में नहीं पहुंची है.

