ओलंपिक इतिहास में पहली बार भारत छुएगा दहाई के आंकड़े
नई दिल्ली . पेरिस ओलंपिक 2024 में केवल 10 दिन बचे हैं और हिंदुस्तान के शीर्ष एथलीटों की तैयारी आखिरी चरण में है. ओलंपिक से पहले एक नजर उन खेलों पर डालते हैं, जिनमें हिंदुस्तान को मेडल की सबसे अधिक आशा है.
ओलंपिक के इतिहास में हिंदुस्तान के लिए पिछला यानी टोक्यो ओलंपिक सबसे यादगार रहा. भारतीय दल ने कुल सात मेडल जीते थे. मगर इस बार राष्ट्र को कम से कम इस आंकड़े को दहाई अंक में बदलने की आशा है. यदि ऐसा होता है, तो ओलंपिक इतिहास में पहली बार हिंदुस्तान दहाई के आंकड़े को छुएगा.
अब यह सपना सच कैसे होगा, चलिए एक नजर उस पर डालते हैं. पेरिस के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल में 100 से अधिक खिलाड़ी और अन्य स्टाफ हैं. इनमें से कुछ ऐसे खेल हैं, जिनमें हिंदुस्तान काफी मजबूत दावेदार है. हिंदुस्तान को पूरी आशा है कि इन खेलों में राष्ट्र को मेडल जरूर मिलेंगे.
खासकर जैवलिन थ्रो और वेटलिफ्टिंग में खिलाड़ियों की फॉर्म मेडल की गारंटी देती है जबकि बॉक्सिंग और बैडमिंटन में भी राष्ट्र को काफी उम्मीदें हैं.
वेटलिफ्टिंग में स्त्रियों के 49 किग्रा वर्ग में मीराबाई चानू दावेदारी पेश करेंगी. वेटलिफ्टिंग में वह इस बार हिंदुस्तान की अकेली स्त्री दावेदार हैं. उन्होंने टोक्यो में सिल्वर के साथ हिंदुस्तान के ऐतिहासिक प्रदर्शन की नींव रखी थी. वहीं, इस बार राष्ट्र को उनसे गोल्ड की आशा है. गोल्डन ब्वॉय नीरज चोपड़ा से राष्ट्र इस बार भी गोल्ड ही चाहता है. हालांकि, इस बार उनके विरोधी काफी मजबूत हैं लेकिन राष्ट्र को उन पर पूरा भरोसा है.
भारतीय बैडमिंटन स्टार पी।वी। सिंधु इस बार ओपनिंग सेरेमनी में स्त्रियों में भारतीय ध्वजवाहक रहेंगी. राष्ट्र को उनसे स्त्री सिंग्लस में पदक की आशा है. बैडमिंटन में एच।एस। प्रणय, लक्ष्य सेन समेत कई अन्य स्टार खिलाड़ी भी दल में शामिल हैं. ऐसे में हिंदुस्तान को बैडमिंटन में भी दो-तीन मेडल की आशा है.
बॉक्सिंग की बात करें तो हर बार इस खेल में हिंदुस्तान ने दमदार प्रदर्शन किया है. इस बार पेरिस ओलंपिक में भारतीय दल से बॉक्सिंग में कम से कम दो-तीन मेडल की आशा है. अनुभवी निखत जरीन, लवलीना बोरगोहेन सहित अमित पंघाल जैसे कई नाम इस लिस्ट में शामिल हैं.
निशानेबाजी में अपने दूसरे ओलंपिक की ओर बढ़ रही मनु भाकर अपने अनुभव और हाल ही में बहुत बढ़िया प्रदर्शन से प्राप्त आत्मविश्वास के साथ पेरिस ओलंपिक का बेसब्री से प्रतीक्षा कर रही हैं. टोक्यो में क्वालीफिकेशन राउंड में अपने लक्ष्य से चूकने के बाद 22 वर्षीय भाकर ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है, खासकर एशियाई खेलों में स्त्रियों की 25 मीटर पिस्टल टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल करना उनकी काबिलियत को दर्शाता है.
भाकर एकमात्र ऐसी एथलीट हैं जो एक से अधिक पर्सनल स्पर्धाओं, स्त्रियों की 10 मीटर एयर पिस्टल और स्त्रियों की 25 मीटर पिस्टल में भाग ले रही हैं और कई पदकों के लिए प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हैं.
2020 टोक्यो ओलंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने जर्मनी को हराकर कांस्य पदक जीतकर ओलंपिक में पदक के लिए 41 वर्ष का प्रतीक्षा समाप्त किया. इसके बाद, हरमनप्रीत सिंह की प्रतिनिधित्व और अनुभवी गोलकीपर पी।आर। श्रीजेश के बहुत बढ़िया प्रदर्शन से टीम ने 2022 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता. टीम इस लय के साथ ओलंपिक के मैदान में उतरेगी. उसका लक्ष्य 44 वर्ष का गोल्ड का सूखा समाप्त करना है.
ओलंपिक इस वर्ष का सबसे बड़ा इवेंट है, जिसका आयोजन फ्रांस की राजधानी पेरिस में 26 जुलाई से 11 अगस्त तक होगा.
2020 टोक्यो ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों की ओर से ऐतिहासिक प्रदर्शन देखने को मिला था. इस बार भारतीय दल से और बेहतर प्रदर्शन की आशा है.
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