भारतीय रेसलर विनेश फोगाट ने पेरिस ओलिंपिक में डिस्क्वालिफाई होने के खिलाफ दायर की अपील
भारतीय रेसलर विनेश फोगाट ने पेरिस ओलिंपिक में डिस्क्वालिफाई होने के विरुद्ध अपील दाखिल कर दी है. उन्होंने न्यायालय ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स में बुधवार देर रात को अपील की है कि उन्हें संयुक्त रूप से सिल्वर मेडल दिया जाए. विनेश ने पहले फाइनल खेलने की मांग भी की थी. लेकिन उन्होंने अपील बदली और अब संयुक्त रूप से सिल्वर दिए जाने की मांग की.

बुधवार सुबह विनेश का वजन उनकी तय कैटेगरी 50kg से 100 ग्राम अधिक निकला. इसके बाद ओलिंपिक एसोसिएशन ने उन्हें फ्रीस्टाइल स्त्री कुश्ती के लिए अयोग्य घोषित कर दिया. भारतीय ओलिंपिक संघ ने भी इसकी पुष्टि की है.
ओलिंपिक से बाहर होने के बाद विनेश की तबीयत खराब हुई और उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. कोच विजय दाहिया उनसे मिलने पहुंचे तो विनेश ने उनसे कहा- ‘किस्मत खराब थी कि हम मेडल से चूक गए, लेकिन यह खेल का हिस्सा है.‘
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय ओलिंपिक एसोसिएशन की अध्यक्ष पीटी उषा से बोला है कि वे रेसलर की सहायता के ढंग तलाशें. पीएम ने उषा से इस मुद्दे में विरोध दर्ज कराने को भी बोला है.
सोशल मीडिया में विनेश फोगाट की यह तस्वीर वायरल है. बोला जा रहा है कि ओलिंपिक से बाहर किए जाने के बाद विनेश बहुत निराश हो गई थीं.
डॉक्टर बोले- वजन घटाने के लिए रातभर एक्सरसाइज करती रहीं
भारतीय ओलिंपिक टीम के चिकित्सक दिनशॉ पौडीवाला ने स्टेटमेंट जारी करके कहा कि विनेश और उनके कोच को मंगलवार रात ही उनके अधिक वजन के बारे में पता चल गया था. इसके बाद विनेश पूरी रात नहीं सोईं और वजन को तय कैटेगरी में लाने के लिए जॉगिंग, स्किपिंग और साइकिलिंग जैसी एक्सरसाइज करती रहीं.
डॉक्टर पौडीवाला ने कहा कि विनेश ने अपने बाल और नाखून तक काट दिए थे. उनके कपड़े भी छोटे कर दिए गए थे. इसके बावजूद उनका वजन नहीं घट पाया. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बोला गया कि भारतीय दल ने विनेश को थोड़ा और समय देने की मांग की थी, लेकिन उनकी मांग नहीं सुनी गई.
IOA ने कहा- रातभर कोशिशों के बावजूद वजन कुछ ग्राम अधिक रहा
इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) ने कहा- यह बहुत खेदजनक है कि विनेश फोगाट को अधिक वजन के कारण स्त्री कुश्ती के 50 kg कैटेगरी में अयोग्य घोषित कर दिया गया है. रातभर की कोशिशों के बावजूद सुबह उनका वजन 50 kg से कुछ ग्राम अधिक पाया गया. हम विनेश की निजता का सम्मान करने का निवेदन करते हैं. भारतीय दल आगे इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेगा. हम आने वाली प्रतियोगिताओं पर फोकस करना चाहेंगे.
ओलिंपिक के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय स्त्री रेसलर
विनेश मंगलवार को 3 मुकाबले जीतकर 50 kg रेसलिंग ओलिंपिक के फाइनल में पहुंचने वालीं पहली भारतीय स्त्री रेसलर बनी थीं. सेमीफाइनल में उन्होंने क्यूबा की पहलवान गुजमान लोपेजी को, क्वार्टरफाइनल में यूक्रेन की ओकसाना लिवाच और प्री-क्वार्टरफाइनल में वर्ल्ड चैंपियन जापान की युई सुसाकी को 3-2 से मात दी थी.
अब विनेश की स्थान उनसे हार चुकी क्यूबा की रेसलर फाइनल खेलेंगी
विनेश को बुधवार रात करीब 10 बजे गोल्ड मेडल के लिए अमेरिकी रेसलर सारा एन हिल्डरब्रांट से मुकाबला करना था. ओलिंपिक नियमों के अनुसार अब विनेश की स्थान सेमीफाइनल में उनसे हार चुकीं क्यूबा की गुजमान लोपेजी ही फाइनल खेलेंगी.
टोक्यो ओलिंपिक के क्वार्टर फाइनल हारीं, रियो में चोट की वजह से बाहर हुईं
विनेश फोगाट का यह तीसरा ओलिंपिक है. 2016 के रियो ओलिंपिक में वे चोट की वजह से बाहर हो गई थीं. इसके बाद 2020 के टोक्यो ओलिंपिक में वे क्वार्टर फाइनल में हार गई थीं. पेरिस ओलिंपिक में विनेश अपना कोई मुकाबला नहीं हारी थीं. मंगलवार को फाइनल में पहुंचने के बाद उनका एक मेडल पक्का बताया जा रहा था.
PM ने सोशल मीडिया में लिखा- विनेश, आप चैंपियंस की चैंपियन
इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा- विनेश आप चैंपियंस की चैंपियन हो. आप हिंदुस्तान के लोगों के लिए गर्व और प्रेरणा हैं. आज का झटका दुख देता है. काश, शब्द उस निराशा की भावना को व्यक्त कर पाते जो मैं अनुभव कर रहा हूं. मैं जानता हूं कि आप चुनौतियों का डटकर मुकाबला करेंगी, ऐसा आपका स्वभाव रहा है. मजबूत होकर वापस आओ. हम सब आपके साथ हैं.
कुश्ती संघ के तत्कालीन अध्यक्ष ब्रजभूषण सिंह के विरुद्ध आंदोलन में शामिल थीं
विनेश वही पहलवान हैं, जिन्होंने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बीजेपी सांसद ब्रजभूषण सिंह के विरुद्ध आंदोलन छेड़ा था. स्त्री पहलवानों के यौन उत्पीड़न के विरोध में प्रदर्शन करने पर विनेश को दिल्ली की सड़कों पर घसीटने की फोटोज़ भी वायरल हुई थीं.
पेरिस ओलिंपिक चयन ट्रायल को लेकर भी खूब बवाल हुआ. पहलवान आखिरी पंघाल के सिलेक्शन के चलते विनेश को अपनी मूल वेट कैटेगरी 53 किलोग्राम छोड़नी पड़ी और वेट घटाकर 50 किलोग्राम कैटेगरी में आ गईं.
फाइनल में पहुंचने पर महावीर फोगाट ने बोला था- यह बृजभूषण के मुंह पर तमाचा
ओलिंपिक से बाहर होने से पहले विनेश के ताऊ द्रोणाचार्य अवॉर्डी महावीर फोगाट ने बोला था, ‘पहली फाइट में वर्ल्ड चैम्पियन युई सुसाकी को हराकर ही विनेश गोल्ड मेडल की दावेदार बन गई थी. इस बार पूरी आशा है कि विनेश गोल्ड मेडल लेकर आएगी. विनेश ने जो कर के दिखाया है, यह बृजभूषण शरण सिंह के मुंह पर तमाचा है. बृजभूषण हराने के लिए पीछे लगा हुआ था, लेकिन विनेश की मेहनत रंग लाई है.‘

