पेरिस ओलिंपिक : विवाद के बाद भारत लौटी अंतिम पंघाल, पिता बोले…
आखिरी पंघाल दिल्ली एयरपोर्ट पर मीडिया से बिना बात किए निकल गईं.
हरियाणा की स्त्री पहलवान आखिरी पंघाल पेरिस छोड़ने के आदेश के बाद शुक्रवार सुबह हिंदुस्तान लौट आईं. दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंची आखिरी पंघाल से खेल गांव में हुए टकराव पर बात करने की प्रयास की तो उन्होंने कोई बात नहीं की. वह अपने परिवार के साथ गाड़ी में बैठकर निकल आखिरी के पिता रामनिवास पंघाल ने बोला कि बेटी उदास थी, इसलिए वह किसी से बात किए बिना चली गई. घर आने पर उसका जोरदार स्वागत किया जाएगा.

दरअसल, आखिरी पंघाल की बहन को पुलिस ने पेरिस में ओलिंपिक गांव में पकड़ा था. उसके पास से आखिरी का आई-कार्ड मिला. इसके बाद पुलिस ने उसके थाने ले जाकर बात की. वहां पुलिस ने आखिरी और उसकी बहन से पूछताछ की. इसके बाद दोनों को पेरिस छोड़ने के आदेश दे दिए.
पूरे टकराव के बीच भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) के ऑफिसरों ने बोला कि इस मामले पर सभी को शर्मिंदगी उठानी पड़ी है. कोच सहित सभी पर 3 वर्ष का बैन लगाने पर विचार किया जा रहा है.
हालांकि, इससे पहले IOA ने बोला था कि आखिरी पर कोई बैन नहीं लगाया गया. वे एसोसिएशन से जुड़े मामलों पर परफेक्ट जानकारी प्राप्त करें और अफवाहों पर ध्यान न दें.
अगर अब IOA ने आखिरी पंघाल पर एक्शन लिया तो उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
अंतिम ने 2022 में U-20 वर्ल्ड कप में गोल्ड जीता था. ऐसा करने वाली पहली भारतीय स्त्री बनी थीं.
अंतिम पंघाल ने कहा- सामान लेने गई थी
विवाद के बाद आखिरी पंघाल ने वीडियो कर बोला था, ‘कल (बुधवार) का दिन मेरे लिए अच्छा नहीं था. मैं बाउट हार गई. ग्राउंड से बाहर आने के बाद मेरी तबीयत खराब हो गई थी. मुझे बुखार हुआ. मैंने अपने कोच से अपनी बहन के साथ होटल जाने की परमिशन ली.
बहन के होटल जाने के बाद मुझे मेरे सामान की आवश्यकता पड़ी. इसके बाद मैंने अपनी बहन को अपना आधिकारिक मान्यता कार्ड दे दिया और मेरे रूम से सामान लाने भेजा. वहां मेरी बहन ने सुरक्षा कर्मियों को कार्ड दिखा कर पूछा कि मेरी बहन की तबीयत अधिक खराब है. क्या मैं उसका सामान ला सकती हूं?
इसके बाद पुलिस कार्ड की जांच करने के लिए उसे थाने ले गई. तब मेरे कोच भी कैब से वहां पहुंचे. वे भाषा की वजह से टैक्सी ड्राइवर को अपनी बात नहीं समझा सके. इसके बाद दोनों के बीच कुछ झगड़ा हो गई थी. पुलिस ने पूरी जांच-पड़ताल के बाद मेरी बहन को छोड़ दिया था.
यह बात एकदम गलत है कि हमें पुलिस स्टेशन ले जाया गया, मुकदमा दर्ज किया गया. मेरा देशवासियों से अनुरोध है कि मैं कठिन समय में हूं, मेरा साथ दीजिए.‘
मामले की जानकारी देतीं रेसलर आखिरी पंघाल.
पिता ने आखिरी पंघाल के लिए बेची जमीन
हिसार की रहने वाली आखिरी के पिता राम निवास पंघाल पेशे से किसान हैं. उन्होंने पहलवानी में अपनी बेटी के सपने को पूरा करने के लिए डेढ़ एकड़ जमीन बेच दी थी. वे पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं, और उनकी मेहनत और संघर्ष ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया. हालांकि, पेरिस ओलिंपिक में उनकी हार और विवादों ने उनके लिए एक मुश्किल समय खड़ा कर दिया है.
बिना ट्रायल पहलवानों को चुनने का लगाया था आरोप
एक वर्ष पहले हिसार में आखिरी पंघाल और अन्य पहलवानों ने प्रदर्शन किया था. वह अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली स्त्री बनी थीं, और 2023 में सीनियर एशिया चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल भी जीता था. उन्होंने भारतीय ओलिंपिक संघ पर भी बिना ट्रायल दिए पहलवानों को चुनने का इल्जाम लगाया था.

