Paris Olympics 2024: अगर इस बार भी नीरज चोपड़ा गोल्ड जीत लेते हैं, तो बना देंगे इतिहास
Paris Olympics 2024: पेरिस ओलिंपिक 2024 में मेंस जेवलिन थ्रो इवेंट के फाइनल में ‘गोल्डन बॉय’ नीरज चोपड़ा हिस्सा लेंगे. नीरज ने क्वालिफिकेशन राउंड में पहले ही प्रयास में 89.34 मीटर भाला फेंक कर फाइनल में अपनी स्थान पक्की कर ली थी. वो ग्रुप बी में पहले जगह पर थे. हिंदुस्तान ने अभी तक तीन कांस्य पदक जीतें हैं. ऐसे में सभी की निगाह एक बार फिर से नीरज चोपड़ा पर टिकी हुई है. यदि इस बार भी नीरज चोपड़ा गोल्ड जीत लेते हैं तो वो इतिहास बना देंगे.

8 अगस्त को इतिहास बना सकते हैं नीरज चोपड़ा
नीरज चोपड़ा आठ अगस्त को एक्शन में नजर आएंगे. ऐसे में यदि नीरज गोल्ड मेडल जीत जाते हैं तो जैवलिन थ्रो में अपने खिताब का बचाव करने वाले दुनिया के पांचवें खिलाड़ी बन जाएंगे. इसके अतिरिक्त हिंदुस्तान के लिए लगातार दो गोल्ड जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन जाएंगे. एरिक लेमिंग (स्वीडन, 1908 और 1912), जॉनी मायरा (फिनलैंड, 1920 और 1924), जान जेलेजनी (चेक गणराज्य, 1992, 1996 और 2000) और एंड्रियास थोरकिल्डसन (नॉर्वे, 2004 और 2008) जैवलिन थ्रो में ओलंपिक में लगातार दो बार गोल्ड मेडल जीते हैं.
क्वालिफिकेशन राउंड में दिखाया दम
क्वालिफिकेशन राउंड में नीरज ने अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं. उन्होंने सीजन के सर्वश्रेष्ठ 89.34 मीटर थ्रो के साथ पेरिस 2024 ओलंपिक में मर्दों के भाला फेंक फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था. हालांकि फाइनल में उन्हें ग्रेनेडा के एंडरसन पीटर्स, जर्मनी के जूलियन वेबर और पाक के अहमद नदीम की चुनौती का भी सामना करना पड़ेगा.
इस वर्ष खेले हैं केवल तीन ही टूर्नामेंट
नीरज चोपड़ा ने इस वर्ष तीन ही टूर्नामेंट में अपना जलवा दिखाया है. ऐसे में आशा की जा रही है कि वो एक बार फिर से हिंदुस्तान के लिए गोल्ड मेडल लेकर आएंगे. इस सीजन में उनके दूसरा प्रतिद्वंदी का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है. दोहा डायमंड लीग में नीरज ने 88.36 मीटर के थ्रो के साथ दूसरा जगह हासिल किया था. इसके बाद उन्होंने ओस्ट्रावा गोल्डन स्पाइक से नाम वापस ले लिया था क्योंकि उन्हें थ्रो करने के दौरान अपनी जांघ की मांसपेशियों में दर्द महसूस हो रहा था.

