Paris Olympics 2024: ओलंपिक में मनु भाकर ने जीता ऐतिहासिक ब्रांज
Paris Olympics 2024: ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय स्त्री निशानेबाज बनी मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक में हिंदुस्तान का खाता खोला और ‘नारी शक्ति’ को समर्पित दूसरे दिन पदक आशा पी वी सिंधू, निकहत जरीन और मनिका बत्रा ने भी जीत के साथ आगाज किया।

1. मनु का ऐतिहासिक ब्रांज
3 वर्ष पहले टोक्यो ओलंपिक में पिस्टल खराब होने से रोते हुए लौटी मनु ने भगवद गीता के सार को याद किया और गुरू जसपाल राणा के मार्गदर्शन में पेरिस में इतिहास रच डाला। मनु ने 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में निशानेबाजी रेंज पर 12 वर्ष बाद हिंदुस्तान को ओलंपिक में ब्रांज दिलाया। पीएम मोदी ने पदक जीतने के बाद मनु से टेलीफोन पर बात करके उन्हें शुभकामना दी।
2. रमिता जिंदल ने मेडल की आशा जगाई
राइफल निशानेबाजों रमिता जिंदल और अर्जुन बबूता ने भी क्रमश: स्त्री 10 मीटर एयर राइफल और पुरुष 10 मीटर एयर राइफल के फाइनल में स्थान बनाकर पदक की आशा जगाई। टोक्यो ओलंपिक में हिंदुस्तान के 15 निशानेबाजों में से सिर्फ़ 10 मीटर एयर पिस्टल निशानेबाज सौरभ चौधरी ही फाइनल तक पहुंच पाए थे। पेरिस में हिंदुस्तान के दल प्रमुख गगन नारंग के लंदन ओलंपिक 2012 में जीते कांस्य के बाद निशानेबाजी में यह पहला ओलंपिक पदक है।
3. मनु ने किया कमाल
हरियाणा के झज्जर की रहने वाली 22 वर्ष की मनु ने आठ निशानेबाजों के फाइनल में 221.7 अंक के साथ तीसरे जगह पर रहते हुए कांस्य पदक जीता। रमिता ने शनिवार को बबूता के साथ मिश्रित टीम फाइनल में स्थान बनाने से चूकने की निराशा को दूर करते हुए पांचवें जगह पर रहकर स्त्रियों की 10 मीटर एयर राइफल फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। वहीं, इलावेनिल वलारिवान ने 630.7 अंक बनाए और 10वें जगह पर रहते हुए आठ निशानेबाजों के फाइनल में स्थान बनाने से चूक गईं।
4. बबूता ने फाइनल में स्थान बनाई
बबूता ने क्वालीफिकेशन में सातवें जगह पर रहते हुए पुरुष 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के फाइनल में स्थान बनाई। पच्चीस वर्ष के बबूता ने 105.7, 104.9, 105.5, 105.4, 104.0 और 104.6 अंक की सीरीज के साथ कुल 630.1 अंक जुटाए। बबूता सोमवार को आठ निशानेबाजों के फाइनल में पदक के लिए चुनौती पेश करेंगे। सेना के संदीप सिंह इसी स्पर्धा में 629.3 अंक के साथ 12वें जगह पर रहते हुए फाइनल में स्थान बनाने से चूक गए।
5. सिंधु की जीत के साथ शुरुआत
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने स्त्री एकल स्पर्धा में अपने अभियान की आरंभ ग्रुप एम के मैच में मालदीव की फातिमाथ अब्दुल रज्जाक के विरुद्ध आसान जीत के साथ की।
लगातार तीसरे ओलंपिक पदक के लिए चुनौती पेश कर रही सिंधु और फातिमाथ के बीच का अंतर साफ नजर आया। भारतीय खिलाड़ी ने अपने से कम रैंकिंग वाली खिलाड़ी को केवल 29 मिनट में सीधे गेम में 21-9 21-6 से शिकस्त दी।
एच एस प्रणय ने पुरुष एकल स्पर्धा में अपने अभियान की आरंभ ग्रुप के मैच में जर्मनी के फैबियन रोथ विरुद्ध सीधे गेमों में जीत से की। वर्ल्ड रैंकिंग में 12वें जगह पर काबिज प्रणय ने 45 मिनट तक चले इस मैच को 12-18, 21-12 से अपने नाम किया।
6. शरत कमल हारे, मनिका और श्रीजा जीतीं
भारत के स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी शरत कमल पुरुष एकल प्रतियोगिता से बाहर हो गए जबकि स्टार स्त्री खिलाड़ी मनिका बत्रा ने राउंड 64 में अपनी प्रतिद्वंद्वी को 4-1 से हराकर अपना अभियान प्रारम्भ किया।
अपना पांचवा ओलंपिक खेल रहे 42 वर्षीय शरत को 53 मिनट तक चले मैच में अपने से 86 पायदान नीचे के प्रतिद्वंद्वी स्लोवेनिया के डेनी कोजुल से 2-4 (12-10 9-11 6-11 7-11 11-8 10-12) से हार का सामना करना पड़ा। 2018 राष्ट्रमंडल खेलों की चैम्पियन और 18वीं वरीय मनिका ने 41 मिनट में ब्रिटेन की अन्ना हर्से को 11-8 12-10 11-9 9-11 11-5 से मात दी।
अब मनिका का सामना 31 जुलाई को राउंड 32 मैच में फ्रांस की 12वीं वरीय प्रीथिका पवाडे से होगा। इससे पहले श्रीजा ने स्वीडन की क्रिस्टीना कल्बर्ग पर 4-0 की बहुत बढ़िया जीत के साथ राउंड ऑफ 32 में प्रवेश किया।
डब्ल्यूटीटी कंटेंडर एकल खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनकर इतिहास रचने वाली श्रीजा ने स्वीडन की खिलाड़ी को 30 मिनट में 11-4, 11-9, 11-7, 11-8 से पराजित किया।
वहीं हरमीत देसाई को राउंउ 64 के मुकाबले में फ्रांस के फेलिक्स लेब्रून से 0-4 (8-11 8-11 6-11 8-11) से हार का सामना करना पड़ा।
7. निकहत जरीन प्री क्वार्टर फाइनल में
दो बार की वर्ल्ड चैंपियन निकहत जरीन ने जर्मनी की मैक्सी करीना क्लोएट्जर पर जीत के साथ स्त्रियों के 50 किग्रा मुक्केबाजी के प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।
इस 28 वर्ष की गैरवरीय मुक्केबाज ने यहां ‘नॉर्थ पेरिस एरेना’ आखिरी 32 दौर के मुकाबले में जर्मनी की मुक्केबाजी के विरुद्ध 5-0 से जीत हासिल की। निकहत के सामने गुरुवार को खेले जाने वाले प्री-क्वार्टर फाइनल में एशियाई खेलों और मौजूदा फ्लाईवेट वर्ल्ड चैंपियन चीन की वू यू की चुनौती होगी।
8. नौकायन में बलराज पंवार क्वार्टर फाइनल में
भारत के बलराज पंवार रेपेचेज दो में दूसरे जगह पर रहते हुए नौकायन (रोइंग) की पुरुष एकल स्कल्स स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए।
बलराज ने सात मिनट 12.41 सेकेंड का समय लिया और वह मोनाको के क्वेंटिन एंटोगनेली से पीछे रहे जो सात मिनट 10:00 सेकेंड के समय से शीर्ष पर रहे। हर रेपेचेज से शीर्ष दो में रहने वाले खिलाड़ी क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई करते हैं।
9. तैराकी में हिंदुस्तान की चुनौती समाप्त
तैराकी में हिंदुस्तान की चुनौती रविवार को समाप्त हो गई जब श्रीहरि नटराज और धिनिधि देसिंघु अपने अपने वर्ग के सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सके।
नटराज 55.01 सेकंड की टाइमिंग के साथ 100 मीटर बैकस्ट्रोक में अपनी हीट में संयुक्त दूसरे जगह पर रहे थे। ओवरआल तालिका में वह 33वें जगह पर रहे। शीर्ष 16 तैराक ही सेमीफाइनल में पहुंचते हैं।
नटराज का निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 53.77 सेकंड का है। पहली बार ओलंपिक में उतरी भारतीय दल की सबसे युवा सदस्य 14 साल की देसिंघु 200 मीटर स्त्री फ्रीस्टाइल हीट में अव्वल रही। पहली हीट में उन्होंने 2 : 06.96 का समय निकाला लेकिन 30 प्रतियोगियों में वह 23वें जगह पर रहीं।
10. तीरंदाजी में स्त्रियों ने किया निराश
भारत की सबसे अनुभवी तीरंदाज दीपिका कुमारी ने एक बार फिर निराश किया और उनके खराब प्रदर्शन से भारतीय स्त्री तीरंदाजी टीम पेरिस ओलंपिक में क्वार्टर फाइनल में नीदरलैंड से 0.6 से हारकर बाहर हो गई।
भारतीय टीम की सबसे युवा खिलाड़ी हरियाणा की 18 साल की भजन कौर ने 60 में से 56 अंक बनाये लेकिन दीपिका और अंकिता भकत जैसे अनुभवी खिलाड़ी कमजोर कड़ी साबित हुए। दोनों का स्कोर 50 के पाद भी नहीं रहा। भारतीय टीम 51.52, 49.54, 48.53 से हार गई।
चौथी बार ओलंपिक में उतरी दीपिका ने 48 और भकत ने 46 अंक बनाए। भकत ने तो एक बार चार की रिंग में भी तीर छोड़ा। दूसरी ओर भजन ने 56 अंक बनाए। हिंदुस्तान ने क्वालीफिकेशन में चौथे जगह पर रहने के बाद क्वार्टर फाइनल में सीधे स्थान बनाई थी।
11. टेनिस में सुमित नागल बाहर
भारत के नंबर एक खिलाड़ी सुमित नागल पुरुष एकल टेनिस प्रतियोगिता के तीन सेट तक चले पहले दौर के मुकाबले में फ्रांस के कोरेंटिन मौटेट से हारकर बाहर हो गए। हिंदुस्तान के इस 26 वर्षीय खिलाड़ी को रोलां गैरों में दो घंटे 28 मिनट तक चले मैच में 2-6, 6-2, 5-7 से हार मिली।
दोनों खिलाड़ियों ने पहले दो सेट 6-2 के समान स्कोर से जीते, पर 65 मिनट तक चले निर्णायक सेट में फ्रांस के खिलाड़ी ने भारतीय खिलाड़ी की चुनौती पस्त कर दी।
टोक्यो ओलंपिक में नागल दूसरे दौर में रूस के दानिल मेदवेदेव से हार कर बाहर हुए थे, लेकिन यहां शुरुआती दौर में वह अपने नियंत्रण वाली चीजों पर काबू रखने में विफल रहे।

