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80सी और 80डी के तहत कुछ इस तरह बदल सकते हैं टैक्स नियम

बीमा कंपनियों को आशा है कि आनें वाले आम बजट से उन्हें बीमा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों के लिए रियायतों सहित कई कर फायदा मिलेंगे. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को वित्त साल 2025-26 के लिए आम बजट पेश करेंगी.

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एसबीआई जनरल इंश्योरेंस के व्यवस्था निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नवीन चंद्र झा ने बोला कि 2047 तक ‘सभी के लिए बीमा’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ‘बीमा सुगम’ जैसी पहलों को विनियामक और आर्थिक समर्थन मिलने की आशा है. इंश्योरेंस प्लेटफॉर्म पॉलिसी बाजार और वित्तीय सेवा प्लेटफॉर्म पैसा बाजार की मूल कंपनी पीबीफिनटेक के संयुक्त समूह सीईओ सरबवीर सिंह ने बीमा क्षेत्र में धारा 80सी और 80डी के अनुसार कर नियमों में परिवर्तन की वकालत की

कर नियमों में परिवर्तन की जरूरत

उन्होंने कहा, “बीमा क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण सुधारों में से एक धारा 80सी और 80डी के अनुसार कर नियमों में परिवर्तन की आवश्यकता है. 80सी के अनुसार फिलहाल भुगतान की सीमा 1,50,000 रुपये है, जो पिछले कुछ वर्षों से बदली नहीं है. इसमें पीपीएफ और ऋण जैसी दूसरी महत्वपूर्ण चीजों को भी शामिल किया गया है, जिससे लोगों के पास अपने जरूरी वित्तीय फैसलों के लिए कम गुंजाइश बचती है.” बजाज अलायंज लाइफ के एमडी और सीईओ तरुण चुघ ने बोला कि हिंदुस्तान की आर्थिक वृद्धि बीमा क्षेत्र के लिए वित्तीय मजबूती बढ़ाने के लिए कई अवसर प्रस्तुत करती है. उन्होंने कहा, “जीवन बीमा वार्षिकी उत्पादों की कर कटौती को राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) के साथ जोड़ने और वार्षिकी उत्पादों के मूल घटक पर कर के मामले को हल करने से सेवानिवृत्ति की आवश्यकताओं को कारगर ढंग से विकसित किया जा सकता है.

बीमा पहुंच घटी 

भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्र की बीमा पहुंच 2022-23 में चार फीसदी की तुलना में 2023-24 में 3.7 फीसदी थी. जीवन बीमा उद्योग की पहुंच 2022-23 में तीन फीसदी से हल्की रूप से घटकर 2023-24 के दौरान 2.8 फीसदी हो गई. गैर-जीवन बीमा उद्योग के संबंध में पहुंच 2023-24 के दौरान एक फीसदी पर समान रही. इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ सुब्रत मंडल ने बोला कि केंद्रीय बजट गवर्नमेंट को सुधारों को लागू करने का एक जरूरी अवसर प्रदान करता है, जो उद्योग की चुनौतियों का निवारण कर सकता है और बीमा उत्पादों को व्यापक रूप से अपनाने को प्रोत्साहित कर सकता है. पंजाब नेशनल बैंक मेटलाइफ के एमडी एवं सीईओ समीर बंसल ने बोला कि आनें वाले बजट के लिए हमारी एक आशा पेंशन और वार्षिकी योजनाओं के लिए समर्थन को लेक

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